कानपुर के जिलाधिकारी व एसएसपी मौके पर जांच करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) द्वारा क्षेत्र के मंधना और उसके आसपास गांवों की अधिग्रहीत भूमि जल्द ही कब्जे में लेकर काम शुरू कराया जाएगा। शनिवार को जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने शादीपुर गांव में अधिग्रहीत जमीन का मौका मुआयना करते हुए यह जानकारी दी। इस दौरान कार्य में बाधा बन रहे लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के भी आदेश दिए।
यूपीएसआईडीसी ने वर्ष 2005 में क्षेत्र के मंधना, बगदौधी बांगर, बहलोलपुर, पेम, शादीपुर, पचोर एवं भवानीपुर सहित आठ गांवों में 801 एकड़ भूमि इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लिए अधिग्रहीत की थी। मुआवजे के तौर पर वर्ष 2009 में निगम ने ज्यादातर किसानों को करीब सात लाख रुपये प्रति बीघा की दर से भुगतान कर दिया था। लेकिन क्षेत्रीय किसानों ने मुआवजा राशि बढ़ाने और आवासीय भूखंड की मांग पूरी न होने तक जमीन वापस करने के लिए आंदोलन शुरू कर दिया था, साथ ही अधिग्रहीत हुई भूमि पर फसल उगाने लगे। शनिवार शाम तीन बजे शादीपुर गांव पहुंचे डीएम सुरेंद्र सिंह ने कहा कि जिन किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है उनसे बातचीत करके जल्द ही मुआवजा उपलब्ध करा दिया जाएगा। जिन किसानों ने पहले ही मुआवजा ले लिया है वह विरोध न जताएं, क्योंकि ऐसे किसान भूमि पर बैनामा पहले ही कर चुके हैं।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जबरन कब्जा किए किसानों द्वारा अब तक किए गए फसल उत्पादन की औसत राशि का ब्योरा तैयार करें और विरोध करने वाले किसानों को भू-माफिया घोषित कर कार्रवाई करें। अराजक तत्वों पर पुलिस सख्ती बरतें। डीएम ने निगम अधिकारियों से जल्द काम शुरू कर सूचना देने की बात कही। डीएम के साथ एसएसपी अखिलेश मीना, एसडीएम बिल्हौर विनीत कुमार, एसडीएम सदर संजय कुमार, यूपीएसआईडीसी के अधिशाषी अभियंता एसी मिश्रा, प्रबंधक राकेश झा आदि मौजूद थे।