तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के आलू किसानों की फसल झुलसे से तबाह हो चुकी है।
महंगी लागत से बोई गई आलू की फसल मौसम के कारण भीषण झुलसा रोग लग जाने से अधिकंाश किसान उपज में 50-70 फीसद तक नुकसान बता रहे है।
माह के आरंभ में पानी बरसने और फिर मौसम की मार के कारण क्षेत्र के अरौल, मकनपुर, गांगूपुर, बकोठी, नानामऊ, खजुरी, बैड़ी, पूरा, सैबसू और गंगा कटरी के दर्जनों गांवों में हजारों एकड़ भूमि पर बड़ी संख्या में किसानों ने आलू की फसल बो रखी है।
बुआई के दौरान से ही मौसम की बेरुखी से पहली ही किसानों को तगड़ा झटका लग चुका है अब जब फसल की बेल बढ़ का समय आया तो
मौसम के कारण सैकड़ों बीघा भूमि पर खड़ी आलू की फसल में भीषण झुलसा रोग लगा हुआ है। खजुरी गांव के अनिल कटियार ने बताया कि फसल में रोग जाने केबाद कोई दवा-टानिक काम नहीं कर रही है।
पौध धीरे-धीरे मुरझाकर काली पड़ती जा रही है। अरौल के विजय द्विवेदी ने बताया कि मौसम के एक समान न रहने के कारण भी आलू पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। बेल मौसम की मार नहीं झेल पा रही है।
बेल खराब होने के कारण अभी तक जितना आलू का साइज बढ़ पाया है अब वह नहीं बढ़ेगा। वहीं बाजार में नया आलू 10 रुपए प्रति किलो है। उधर मंडी में आलू के दाम 200-230 रुपए प्रति कट्टी के आसपास बने हुए हैं।