जिले में दो दिन से चढ़े तापमान ने शनिवार को भी तेवर दिखाए। शनिवार दोपहर में 40.06 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया। बढ़ती गर्मी ने देहातवासियों को छांव खोजने को मजबूर कर दिया। वहीं सड़कों पर निकले राहगीर गर्मी से बेहाल दिखे।
गर्मी के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। सड़कों पर जो भी दिखा, वह शरीर को कपड़ों में लपेटे नजर आया। गर्म हवाओं के थपेडे़ शुरू हो गए हैं। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ने लगा है।
बताते चलें कि रोजाना बढ़ रहा तापमान मुसीबत बनता जा रहा है। गर्मी के कारण राहगीरों का सड़क पर चलना दूभर हो रहा है। बेतहाशा गर्मी से पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। शनिवार सुबह से निकली तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान दिखे। गर्म हवाएं और कड़ी धूप मुसीबत बनी रही। गर्मी के चलते लोग घरों में दुबके रहे।
वहीं धूप से बचने के लिए यात्री दोपहर में अकबरपुर अंडरपास की छांव में खड़े होकर वाहनों का इंतजार करते रहे। वहीं पिछले कई दिनों से बढ़ रहे तापमान से अब जानवरों की स्थिति दयनीय हो गई है। पालतू जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए पशुपालक उन्हें गीले बोरे पीठ पर डालकर डाल रहे हैं।
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के तकनीकी विशेषज्ञ मनोज दुबे ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 40.06 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अधिकतम आर्द्रता 61 फीसदी और न्यूनतम आर्र्दता 37 फीसदी रिकार्ड की गई। दोपहर को हवाएं उत्तर-पश्चिमी रही। रफ्तार 4.3 किलोमीटर प्रति घंटा रही। रविवार को आसमान साफ रहेगा। इससे तेज धूप निकलेगी।
फटना रोग से बचाएं आम की फसल- कानपुर देहात। अचानक बढ़ी गर्मी का असर फलों पर पड़ सकता है। गर्म तेज हवाओं से आम के पेड़ में फटना रोग लगने की संभावना बढ़ गई है।
वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक संघशील गौतम ने बताया कि जरा की लापरवाही किसानों का बड़ा आर्थिक नुकसान दे सकती है। बागवानी करने वाले किसान आम की फसल पर खास ध्यान रखें। गर्मी में आम की फसल को फटना रोग से बचाने के लिए किसान बोरेक्स का दो प्रतिशत घोल तैयार कर फलों पर छिड़काव करें, जिससे फटना रोग से लाभ मिलेगा।