धरमपुर बंबा में बह रहा पानी।
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दो माह से इंतजार के बाद आखिरकार शनिवार की शाम धरमपुर बंबे में नहर का पानी छोड़ दिया गया। बंबे में पानी बहता देख किसानों ने खुशी जताई। मालूम हो कि जनवरी के महीने में माघ मेले में पानी देने के नाम पर क्षेत्र की नहरों को बंद कर दिया गया था। किसानों की सैकड़ों एकड़ रबी की फसलें सूखकर बर्बाद हो गईं।
नहर विभाग की कार्यप्रणाली से गुस्साए पतारा क्षेत्र के किसानों ने गत दिवस धरमपुर बंबा के पुल पर धरना देकर कानपुर-सागर राजमार्ग को जाम कर दिया था। किसानों ने नहर विभाग के उच्चाधिकारियों से बात की। उन्होंने 24 घंटे में धरमपुर बंबे में पानी छोड़ने का भरोसा दिया था।
किसानों अरविंद तिवारी (ककरहिया), दुर्गाचरण बाजपेई और पूर्व प्रधान राधेश्याम मिश्रा (संचितपुर), श्रीकृष्ण यादव (चतुरीपुर) और नवाब सिंह यादव (धरमपुर) ने बताया कि किसान मिलकर नहर विभाग के खिलाफ खड़े न होते तो अभी बंबे में पानी आना संभव नहीं था। एकजुटता के आगे नहर विभाग के अधिकारी अपनी चाल में कामयाब नहीं हुए।
कम से कम 20 दिन लगातार धरमपुर बंबा और भदरस रजबहा से संबद्ध माइनरों में पानी चलना चाहिए। गांवों के सूखे तालाबों में पानी भराए जाने के साथ ही जायद की फसलें मूंग, मक्का और सब्जी बोने के लिए खेतों की पलेवा भी साथ-साथ हो जाएगी।