जलनिकासी और जमीन के विवाद में कोतवाली क्षेत्र के ददारपुर कटहा गांव में शुक्रवार देररात पड़ोसी ने साथियों के साथ मिलकर ग्राम प्रधान के पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। परिजनों ने 100 नंबर पर सूचना दी लेकिन पुलिस छह घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। कोतवाली में प्रधान की तहरीर पर पड़ोसी इंद्र कुमार उर्फ पुत्तन उसके भाइयों प्रसून उर्फ मुन्नु और देवेंद्र उर्फ छुन्नु पुत्र ओमनाथ मिश्रा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
ददारपुर कटाहा में ननकउ दिवाकर (65) पत्नी सुशील और चार पुत्रों रामकिशन, रामकिशोर, बालकिशन और छोटू के साथ रहते थे। बीते वर्ष पंचायत चुनाव में बालकिशन ने प्रधानी का चुनाव भारी मतों से जीता था। बालकिशन ने बताया कि पड़ोसी ओमनाथ मिश्रा के चार पुत्रों मुन्नू लाल, छुन्नूलाल, इंद्र कुमार उर्फ पुत्तन और मिस्टर मिश्रा से गंदे पानी की निकासी, मंदिर मार्ग पर कब्जा व जमीन पर कब्जे पर विवाद लंबे वक्त से चल रहा है।
29 नवंबर को दुर्गा मंदिर मार्ग पर कब्जे की शिकायत एसडीएम से की थी। इसी बात से नाराज पड़ोसी ओमनाथ मिश्रा के पुत्रों ने शुक्रवार देर रात 11:54 बजे बरामदे में सो रहे पिता ननकउ पर तमंचे से ताबड़तोड़ फायर झोंक दिए। घर के लोग भाग कर बाहर आए तो देखा कि पिता का सीना छलनी था।
मौके पर ही उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस को रात में सूचना दी लेकिन कोतवाली पुलिस सुबह छह बजे पहुंची। एसपी वेस्ट सचिंद्र पटेल, एसपीआरए राजेश कुमार, सीओ बिल्हौर मनोज गुप्ता, इंसपेक्टर बिल्हौर एके सिंह ने पीड़ितों से जानकारी ली। फोरेंसिक टीम भी पहुंची और साक्ष्य जुटाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस समय से नहीं आई, इस कारण हत्यारोपी गांव से फरार हो गए। सीओ बिल्हौर मनोज गुप्ता ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। लखनऊ पुलिस कंट्रोल रूम से जब सूचना मिली तो उसके फौरन बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी।