काम के प्रति लापरवाह और विभाग पर अंकुश न होने पर एक अधिकारी को जलील करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने एक नया तरीका अख्त्यिार किया।
इस क्रम में समाज कल्याण विभाग में शनिवार को औचक निरीक्षण पर पहुंचे सीडीओ ने देरी से कार्यालय पहुंचे समाज कल्याण अधिकारी को व्यंग्यात्मक बाण छोड़ते हुए बतौर शर्मिन्दगी माला पहनाई और लापरवाही तथा निरंकुश प्रशासक के तौर पर उस पर जमकर कटाक्ष किया। सीडीओ ने इस माध्यम से कर्तव्य के प्रति उदासीन अफसरों और कर्मचारियों के लिए संदेश छोड़ा।
बताते चलें कि तीन माह पहले सीडीओ केके गुप्त ने सरकारी कार्यालयों में पत्रावलियों के रखरखाव, अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्यों को लेकर 30 बिंदुओं पर निर्देश जारी किए थे। इसकी जमीनी हकीकत जांचने के लिए शनिवार को सीडीओ ने विकास भवन स्थित समाज कल्याण विभाग कार्यालय दफ्तर जा पहुंचे।
इस दौरान सीडीओ को निदेशालय व जिलाधिकारी के आदेशों की गार्ड फाइल इंडेक्स में कोई अंकन नहीं मिला। कार्यालय में निरीक्षण की फाइल भी नहीं मिली। कई शिकायतों का निस्तारण न होने के बावजूद उन्हें निस्तारित दिखा दिया गया।
सीडीओ ने इस पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों को फटकार लगाई। कार्यालय में कोर्ट रिट रजिस्टर, प्रत्यावेदन रजिस्टर सहित जीपीएफ व सेवा पुस्तिकाओं में खामियां मिलीं।
वहीं कार्यालय देरी से पहुंचने पर खामियों से खफा सीडीओ ने समाज कल्याण अधिकारी राजीव लोचन मिश्रा को कार्यालय स्टाफ के सामने माला पहनाकर शर्मिंदा किया। इसी तरह एआर कोआपरेटिव कार्यालय में पत्रावलियां बिंदुओं के अनुरूप नहीं मिली।
सीडीओ ने बताया कि कार्यालय रखरखाव के जारी किए 30 बिंदुओं के निर्देशों का समाज कल्याण व एआर कोआपरेटिव कार्यालय में अनुपालन नहीं किया जा रहा है। इसके चलते समाज कल्याण अधिकारी व एआर कोआपरेटिव रमेश कुमार गुप्ता व संबंधित पटल के लिपिकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है। इसके बाद शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा।
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अफसर व बाबू को नहीं बता सके आरटीआई का फुल फार्म- कानपुर देहात। सीडीओ ने निरीक्षण के दौरान समाज कल्याण विभाग अधिकारी आरएल मिश्रा सहित कार्यालय के लिपिकों से आरटीआई का फुल फार्म पूछा, लेकिन कोई भी नहीं बता सका। इस पर सीडीओ ने सभी को फटकार लगाई। वहीं समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) का भी कोई फुल फार्म नहीं बता सका।