दिल्ली हाइवे पर अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के गौरियापुर गांव के निकट तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। इससे कार सवार हार्डवेयर व्यापारी चाचा व ड्राई क्लीनिंग का काम करने वाले भतीजे की मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
सूरज प्रसाद सैनी (56) पुत्र राम सजीवन मूल रूप से रायबरेली जिले के गांव ऐंधी थाना खीरों के निवासी थे। वह इस समय परिवार समेत दिल्ली में बीजी 6 पश्चिम विहार, नई दिल्ली में रहते हैं। परिजनों के अनुसार सूरज प्रसाद अपने भतीजे जागेश्वर सैनी (50) निवासी मकान नंबर ए 18 गोलाडेरी नई दिल्ली के साथ 11 अक्तूबर को रायबरेली स्थित अपने पैतृक गांव आए थे। यहां उन्हें ब्रह्मभोज कार्यक्रम का आयोजन करना था। 14 अक्तूबर को ब्रह्मभोज कार्यक्रम हुआ।
इसके बाद रविवार की सुबह चाचा व भतीजे कार लेकर दिल्ली रवाना हुए। कार को चालक अरुण यादव (36) पुत्र सुभाष निवासी भोगांव जिला मैनपुरी चला रहा था। बताते हैं कि जैसे ही कार अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के गौरियापुर गांव के पास पहुंची, तभी कार के पहिये से आवाज आने लगी। चालक अरुण यादव ने बताया कि वह कार को ब्रेक लगाकर रोकने के प्रयास में था, तभी बगल में बैठे जागेश्वर ने हैंडब्रेक खींच दिए। रफ्तार अधिक होने से कार बेकाबू होकर घिसटते हुए सड़क किनारे खडे़ ट्रक में पीछे से जा घुसी। तेज भिड़ंत से कार के परखच्चे उड़ गए और जागेश्वर व सूरज प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चालक अरुण लहूलुहान हो गया।
ट्रक में फंसी कार व उसमें बैठे घायल चालक को बाहर निकालने के लिए हाइवे टीम बुलाई। हाइवे टीम ने क्रेन के साथ पहुंचकर कार और उसमें फं से चालक अरुण को बाहर निकाला। उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सूचना पाकर परिजन रोते-विलखते हुए मौके पर पहुंचे।