भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के डीघ गांव में अवैध तरीके से देसी शराब का ठेका खोलने पर महिला भड़क उठीं। शिकायत होने पर रविवार को भोगनीपुर कोतवाल ने ठेका तत्काल बंद करवा दिया और वहां से कागज तलब किए हैं। इसके संचालन में संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की बात कही है। ठेका खोले जाने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत की गई है।
डीघ के क्षेत्र पंचायत सदस्य अनूप सिंह, दिनेश पांडेय, करन, अच्छे लाला प्रभ्रू, रामसेवक, शिवपाल, राजबहादुर, रामप्रकाश, महावीर, छोटे, विमल, विनाता, सावित्री, दीपा, मायादेवी आदि ने प्रधान प्रीतीदेवी से खोले जा रहे देसी शराब ठेके को बंद करवाने की मांग की थी। बताया कि डीघ ग्रामपंचायत के देवीपुर चौराहा पर पहले से ही हाइवे के किनारे ही देसी शराब और अंग्रेजी शराब का ठेका है। एक ग्राम पंचायत में तीन शराब के ठेके खोले जाने का औचित्य क्या है।
डीघ गांव हाइवे और रेलवे लाइन के बीच में है। शराब का ठेका छतेनी गांव में हाइवे किनारे था। आरोप लगाकर कहा कि आबकारी अधिकारी की मिली भगत से डीघ गांव में रेलवे लाइन किनारे ठेका खोला गया। इससे गांव का माहौल भी खराब होगा। प्रधान प्रीतीदेवी ने भी अवैध ठेका का संचालन न होने देने पर ग्रामीणों का सहयोग करने की बात कही। महिलाएं आये दिन अभद्रता होने की बात कहकर आक्रोशित हैं।
एक अप्रैल शनिवार को ठेके में शराब की बिक्री सेल्समैन जयशंकर शुरू कर दी थी। सूचना पर कोतवाल ने हिदायत देकर अवैध ठेके का संचालन बंद करा दिया। जिसपर सेल्समैन ने ठेका की अनुमति होने की बात कहकर ठेकेदार से बात कर कागज दिखाने की बात कहीं। कोतवाल राधामोहन दुबे ने बताया कि ठेकेदार बची शराब बिक्री करने की बात कर रहा था। जिसको हिदायत दी गई है कि छतेनी गांव के नाम ठेका है तो छतेनी में ही शराब बेच सकते हो। दूसरे गांव में बिक्री करने का प्रयास किया तो कार्रवाई होगी। वहीं चौकी इंचार्ज दिनेशसिंह यादव को इस कार्य में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। बिना अनुमति के अवैध रुप से शराब का ठेका नहीं संचालित करने दिया जाएगा।