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ट्रकों की भिड़ंत में किसान और खलासी की मौत

Mon, 28 Mar 2016 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मौके पर खड़े दुर्घटनाग्रस्त ट्रक। - फोटो : amarujala
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रविवार की सुबह कसबा पतारा में तेज रफ्तार ट्रक ने रोड के किनारे खड़े दूसरे ट्रक में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में एक किसान और खड़े ट्रक के खलासी की मौके पर ही मौत हो गई। चौकी पुलिस शवों को एक टेंपो में लादकर वहां से अलग ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और कानपुर रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने पुलिसवालों से हाथापाई करने की भी कोशिश की।
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थानाक्षेत्र के अमरीपुर (तिलसड़ा) गांव निवासी किसान सुरेश कुशवाहा (42) रविवार को सब्जियां बेंचने के लिए हमीरपुर जा रहा था। पतारा कसबे में वह एक ट्रक में सब्जी के बोरे लदवा रहा था। ट्रक का खलासी अशोक कुमार (24) निवासी बहुरीखेड़ा थाना सोहरामऊ (उन्नाव) बोरे लदवाने में उसकी मदद करवा रहा था।


बोरे लदवाने के बाद खलासी ट्रक का डाला बंद करने लगा जबकि, किसान उसके बगल में खड़ा था। तभी, कानपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा एक अन्य ट्रक दोनों को रौंदता हुआ आगे खड़े ट्रक से जा टकराया। जिसमें सुरेश और अशोक की मौके पर ही मौत हो गई। यह देख हादसा करने वाले ट्रक के चालक और खलासी उतरकर भाग निकले।
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वहीं सूचना पाकर पतारा चौकी पुलिस वहां पहुंची और शवों को एक टेंपो में लादकर वहां से ले जाने लगी। यह देख लोगों ने बाइक से टेंपो का पीछा कर लिया और कसबे के रेलवे

स्टेशन रोड के पास से वापस लौटा लाए। आक्रोशित ग्रामीणों ने शवों को कानपुर-सागर राजमार्ग पर रखकर जाम लगा दिया और बवाल करने लगे।  रोड जाम और बवाल की सूचना पर थानाध्यक्ष अशोक कुमार और सीओ कृष्णकुमार पतारा पहुंचे। सजेती और बिधनू थानों का पुलिस बल भी बुलवा लिया गया। पुलिस ने दो बार भीड़ को हटाकर शवों को कब्जे में लेने की कोशिश की जिसपर कुछ युवक पुलिस से भिड़ गए। काफी समझाने-बुझाने के बाद तकरीबन ढाई घंटे बाद लोगों ने जाम खोला।


ट्रक की चपेट में आकर मौत में मुंह में समाया किसान सुरेश कुमार कुशवाहा अपने पिता की एकलौती संतान और कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में पत्नी के अलावा एक पुत्र संदीप (20) और तीन बेटियां क्रमश: सुनीता (22), प्रियंका (18) और अंशू (11) हैं। उसके नाम सिर्फ एक बीघे कृषि भूमि है। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने घर के खर्चे चलाने और रोटी  की समस्या पैदा हो गई है। सुरेश की मौत का समाचार पाकर पहुंचे उसके बच्चों और पत्नी का विलाप देख सभी एक ही बात कह रहे थे कि इनका गुजारा कैसे होगा।
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