अमराहट के महेशपुर गांव में अलग-अलग स्थानों पर अधेड़ और महिला का शव संदिग्ध हालात में फांसी के फंदे से लटका मिले। बताया जाता है कि 15 दिन पहले दोनों कहीं चले गए थे पर परिजन उन्हें समझा-बुझाकर घर ले आए। रविवार को कुछ ही घंटे के अंतराल में दोनों का फांसी के फंदे से लटका मिलना गांव में चर्चा का विषय रहा। मौके पर पहुंचे डीएसपी रामकृष्ण मिश्र ने लोगों से पूछताछ की।
वहीं, दोनों परिवार वाले इसे आत्महत्या बता रहे हैं पर कारण पूछे जाने पर चुप हैं। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। थाना इंचार्ज प्रभात सिंह ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा है। रिपोर्ट और आगे की पूछताछ के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
महेशपुर निवासी जगराम निषाद ने बताया कि उसकी मां पप्पादेवी का निधन 15 साल पहले हो गया था, 15 दिन पहले उसके पिता रामअवतार और राजकुमारी कहीं चले गए थे, जानकारी मिलने पर परिजन एक हफ्ते पहले उन्हें समझा-बुझाकर घर वापस ले आए। रविवार की सुबह उसके पिता रामअवतार (47) रोजाना की तरह खेतों की ओर गए थे। करीब 8 बजे उनका शव खेत में नीम के पेड़ से लटके होने की जानकारी मिली। वहीं, रणधीर सिंह पाल के पुत्र राहुल ने बताया कि करीब 9 बजे उसकी मां राजकुमारी (45) का शव घर के कमरे में ही छत के कुंडे से लटका मिला। उनके गले में दुपट्टे का फंदा कसा था। बताया कि उसके पिता रणवीर सिंह फैक्ट्री में काम करते है और बाहर ही रहते हैं। परिजनों का कहना है कि दोनों ने आत्महत्या की है।