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आज से देहात के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी ठप

Tue, 20 Dec 2016 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
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मुख्य चिकित्साधिकारी के स्थानांतरण की मांग पर अड़े डिप्टी सीएमओ और स्वास्थ्य कर्मियों के समर्थन में सोमवार को पीएमएस संघ ने समर्थन दे दिया। मंगलवार से जिला अस्पताल सहित जिलेभर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी सेवाएं बंद करने का खुला ऐलान कर दिया गया। वहीं 22 दिसंबर तक निर्णय न होने पर जिलेभर के सरकारी अस्पतालों की आकस्मिक व पोस्टमार्टम सेवाएं बंद कर दी जाएंगी।
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सोमवार को स्वास्थ्य कर्मियों ने सीएचसी अकबरपुर में धरना देकर आक्रोश प्रकट किया। सीएमओ कार्यालय में तैनात डिप्टी सीएमओ व कार्यालय कर्मी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनीता सिंह पर उत्पीड़न व प्रताड़ना का आरोप लगा 13 दिसंबर से काम-काज ठप कर कार्य बहिष्कार व धरना दे रहे हैं। रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को अकबरपुर सीएचसी में पीएमएस (प्रोविंसियल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन) की आपातकालीन बैठक बुलाई गई।  बैठक में डिप्टी सीएमओ डा. अशोक कुमार, डा. एपी वर्मा, डा. महेंद्र जतारया सहित सभी चिकित्सा अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों ने सीएमओ डा. अनीता सिंह के दुर्व्यवहार व उत्पीड़न की घोर निंदा की। उनके तत्काल पद से हटाने के लिए आंदोलन करने का निर्णय लिया।

 सोमवार को पीएमएस संघ के अध्यक्ष डा. बृजेश कुमार ने बताया कि सीएमओ को हटाए जाने की मांग को लेकर 20 दिसंबर से जिलेभर के सभी स्वास्थ्य केंद्रों जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी की ओपीडी सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया गया है। 22 दिसंबर तक प्रकरण का निस्तारण नहीं किया गया, तो 23 दिसंबर से जिलेभर की सभी आकस्मिक, पोस्टमार्टम सेवाएं बंद कर दी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की होगी।
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मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव, महानिदेशक, आयुक्त, जिलाधिकारी, एसपी को अवगत कराया गया है। वहीं सोमवार को डिप्टी सीएमओ सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों ने अकबरपुर सीएचसी में धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।


मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ की ओर से सीएमओ के पक्ष में समर्थन देने का पत्र फर्जी साबित हुआ। संगठन की जिलाध्यक्ष मीरा शर्मा सोमवार को धरने में शामिल होकर लिखित देते हुए बताया कि सीएमओ को हटाए जाने के लिए डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के स्वास्थ्य बहिष्कार को संगठन पूरा समर्थन दे रहा है। बताया कि किसी ने उनके फर्जी हस्ताक्षर कर लेटर पैड के जरिए आंदोलन को प्रभावित करने की कोशिश की है।

शिवली सीएचसी व मैथा पीएचसी अस्पताल के ताले सोमवार को नहीं खुले। जिससे अस्पताल पहुंचने वाले मरीज वापस लौटते रहे। मैथा ब्लाक के न्यू पीएचसी, औनहां, मैथा स्टेशन, रंजीतपुर के अस्पतालों का भी यही हाल रहा। डा. केके श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पतालों में ताले बंद रहे। डाक्टर व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सीएचसी शिवली के फार्मासिस्ट महेश पाल ने बताया कि सभी हड़ताल में शामिल हैं।

सीएचसी डेरापुर में रविवार के अवकाश के बाद रोगियों ने ओपीडी पहुंचकर मौजूद चिकित्सकों से बीमारी का इलाज करने का आग्रह किया। लेकिन डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों ने हड़ताल की बात कह कर बगैर देखे ही रोगियों को वापस कर दिया। इससे रोगियों ने हंगामा भी करने का प्रयास किया। लोगों को हड़ताल के बारे में जानकारी दी गई। तो वह शांत हो गए। डा. पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि जिलास्तरीय स्वास्थ्य संगठन के निर्देश पर ओपीडी बंद रखी गई है। जबकि आपातकालीन सेवाएं जारी हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी को हटाए जाने को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य बहिष्कार का असर सोमवार को भी रहा। सीएचसी ओपीडी और आकस्मिक सेवाएं बंद रही। बीमारी से पीड़ित लोग बिना दिखाए बैरंग लौट गए।  सीएमओ को न हटाए जाने से डाक्टरों और कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। राजेश कुमार निवासी रंजीतपुरवा ने बताया कि उसका बच्चा बुखार से पीड़ित है। अस्पताल में दिखाने आये थे। अस्पताल बंद देख वापस लौटना पड़ रहा है।
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