बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि की मार के बाद रजबहे की खांदी कटने से खेतों में भरा पानी अब किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। पानी भरने से फसलें बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। फसलों को बचाने के लिए किसान दिन-रात खेतों की रखवाली कर रहे हैं।
सरवनखेड़ा क्षेत्र के माइनरों में पानी न आने की वजह से किसानों ने पलेवा से लेकर सिंचाई के लिए प्राइवेट नलकूपों को महंगा किराया देकर गेहूं व अन्य फसलों की सिंचाई की थी। पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
पिछले कुछ दिन से क्षेत्र के भदेसा व लोहारी माइनर से छोड़ा गया पानी किसानों के लिए मुश्किल बन गया है। भदेसा माइनर में पड़ने वाले जिठरौली, गंगागंज, जसवापुर, भदेसा, डूडादेव, मदकपुर आदि के खेतों में पानी भर गया है। किसान फसलों को पानी से बचाने के लिए दिन-रात खेतों की रखवाली कर रहे है।
गंगागंज गांव के सामने कटी खांदी से गंगागंज व जसवापुर में खड़ी लाही व सरसों की फसल में पानी भरने से फसल के सड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है। किसान पप्पू बाजपेई, राहुल त्रिपाठी, नरोत्तम कुशवाहा, मनोज बाजपेई ने बताया कि जरूरत के समय सूखे रहने वाले माइनर में आ रहा बेतहाशा पानी किसानों के लिए समस्या बन रहा है।
आखिरी पड़ाव पर खड़ी तिलहनी फसलों में पानी भरने से सड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है। वहीं लोहारी माइनर में भी जरूरत से अधिक पानी छोडे़ जाने से किसानों के चेहरे पर चिंंता की लकीरें दिख रही है। सिंचाई के समय भैंथाना गांव से आगे न बढ़ने वाला पानी अब सैंथा, सेरुवा आदि गांवों तक जरूरत से ज्यादा पहुंच रहा है।
माइनर में बेतहाशा पानी आने व खांदी कटने से किसान फसल बचाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे है। किसान भूरा यादव, रमेश पासवान, मंगल सिंह परिहार, विनीत तिवारी ने बताया कि माइनर में ज्यादा पानी आने से उफनाता हुआ पानी फसलों को बर्बाद कर रहा है। फसलों के बचाने के लिए दिन-रात खेतों में रखवाली करनी पड़ी रही है।