रूरा थाना के गांव अलियापुर में देसी शराब ठेका में तोड़फोड़ व आगजनी के मामले में प्रधान समेत अन्य लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज किए जाने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि उन लोगों ने शराब बेचने का विरोध किया था। महिलाओं द्वारा आग लगाए जाने का आरोप गलत है। वहीं पूर्व विधायक प्रतिभा शुक्ला ने एसपी से मिलकर ग्रामीणों का समर्थन किया। एसपी पुष्पांजलि ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से वार्ता कर मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।
बुधवार दोपहर ट्रैक्टरों में भरकर अलियापुर गांव की सैकड़ों महिलाएं, किशोरियां, किशोर प्रधान आशा के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और वहां धरना देकर बैठ गईं। प्रदर्शनकारियों ने आबकारी व पुलिस विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में एसपी को ज्ञापन सौंपा गया।
शिकायती पत्र में कहा है कि मंगलवार सुबह नौ बजे गांव में सड़क किनारे स्थित देसी शराब की दुकान पर सेल्समैन राजू यादव व उसके साथी शराब के नशे में बैठे थे।
इसी दौरान गांव की कुछ महिलाएं रनियां बाजार में सामान लेने के लिए जा रही थीं। सेल्समैन व उसके साथियों ने महिलाओं को देखकर फब्तियां कस छेड़खानी शुरू कर दी। इस पर महिलाओं ने गांव जाकर यह बात अपने परिजनों को बताई तो भीड़ इकट्ठा हो गई।
महिलाओं ने ठेके पर जाकर सेल्समैन और उसके साथियों द्वारा की गई अभद्रता का विरोध किया। इस पर सेल्समैन व उसके साथी गालीगलौज करते हुए महिलाओं के साथ मारपीट करने लगे। यही नहीं झूठा फंसाने के उद्देश्य से दुकान का सारा सामान जलाकर नष्ट कर दिया।
आरोप है कि शराब ठेके पर अपराधियों का जमावड़ा रहता है, उनकी हरकतों से गांव आने-जाने वाली महिलाओं व किशोरियों को खासी परेशानी होती है। पूर्व में भी छींटाकशी की कई घटनाएं घटित हो चुकी हैं। इसलिए इस घटना के संबंध में सेल्समैन व उसके साथियों के खिलाफ अभियोग दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान कल्पना देवी, फूलमती, राधा, मंजू, शिवप्यारी, रानी, कमला देवी, मधू, विनीता, लक्ष्मी, रेखा, सीता, सोमवती, शिवकुमारी, गीता आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।