विकास खंड के बौहार गांव में वायरल फीवर से करीब एक सैकड़ा लोगों के बीमार पड़ने की सूचना पर मंगलवार को डाक्टरों की टीम पहुंची। पंचायत भवन में कैंप लगाकर मरीजों की जांच की गई और 210 लोगों को दवाएं बांटी गईं।
डा. रामशंकर, डा. अभिषेक और डा. राघवेंद्र की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह गांव पहुंची। वहीं गलियों की साफ-सफाई करने के लिए 07 सफाई कर्मचारी भी पहुंच गए। गांव के युवकों की संस्था डियर पैरेंट्स सेवा समिति के सदस्यों ने मरीजों को कैंप तक पहुंचाने में मदद और साफ-सफाई कार्य में योगदान किया।
पंचायत भवन में लगे स्वास्थ्य कैंप में मरीजों की जांच और दवा वितरण शुरू हुआ। शाम को डाक्टरों ने बताया कि बुखार पीड़ित 30 मरीजों के खून की जांच के लिए स्लाइड बनाई गई है। एक मरीज मनोरमा को अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने की सलाह दी गई। जबकि, कुल 210 लोगों की जांच की गई।
बताया कि सभी मरीज वायरल फीवर के मिले हैं। वहीं, डाक्टरों ने बताया कि पड़ोसी गांव शंकरपुर में भी जांच के दौरान मरीजों में वायरल फीवर पाया गया है। कसबा भीतरगांव के दो मोहल्लों में भी वायरल फीवर का प्रकोप है। वहां करीब 50 लोग बीमार बताए गए हैं। मंगलवार को सीएचसी की ओपीडी मेें 262 मरीजों के पर्चे बनाए गए। इनमें अधिकांश वायरल बुखार से पीड़ित मरीज थे।
पतारा समाचार प्रतिनिधि के अनुसार रिंद नदी के किनारे बसे सतरहुली गांव में बुखार फैलने की सूचना पर डा.अबू तलहा की अगुवाई में टीम पहुंची। वहां कुल 55 लोगों की जांच की गई और दवाएं बांटी गईं।