असई बैरी सवाई गांव स्थित रामजानकी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के दीक्षांत समारोह में आए मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईक ने आठ छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का सर्जिकल आपरेशन सही कदम है। आवश्यकता पड़ने पर फिर हो। उन्होंने गाउन व हैट को अंग्रेजों का प्रतीक बताया और पारंपरिक भारतीय परिधान पहनने पर जोर दिया। गाउन उतारने के बाद उन्होंने भाषण दिया।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को टीचर की तरह सफल होने के लिए चार मंत्र बताए। उन्होंने आठ टॉपर में से सात लड़कियां होने पर चुटकी ली और कहा कि लड़के भी पढ़ें और अगले साल कम से कम खुद को बराबरी पर आएं। कही ऐसा न हो कि आगे चलकर महिलाओं के स्थान पर पुरुषों को आरक्षण देना पडे़।
कहा कि यूपी में कुछ जगहों पर नकल बड़े पैमाने पर होती है। नकल कैंसर के समान है। केवल छात्रों का ही नहीं बल्कि शिक्षण संस्थानों में भी दोष है। बीते दो वर्षों में उन्होंने 26 विश्वविद्यालयों में नकल की रोकथाम को कदम उठाए हैं। इसमें कुछ सफलता भी हासिल हुई है। एक मामले में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को सस्पेंड कर कार्रवाई की गई है। एक अन्य मामले में जांच रिपोर्ट आ गई है।
एक-दो दिन के अंदर कार्रवाई का निर्णय लेंगे। प्राइवेट कालेजों की मान्यता के मुद्दे पर कहा कि कई कालेज बिना किसी व्यवस्था के ही मान्यता लेने का प्रयास करते हैं। कई कालेज ऐसे हैं, जहां लेबोरेटरी तक नहीं है पर बीएससी के कोर्स चल रहे हैं। ऐसी शिकायतें आने पर सख्त कार्रवाई हो रही है।
उन्होंने कहा कि नौजवान देश की सबसे बड़ी पूंजी है, लेकिन इसका सदुपयोग होना चाहिए। युवा अच्छा काम करें। उनकी आदतें अच्छी हों। मेहनत व व्यायाम करें। ऐसा न होने पर देश की सबसे बड़ी पूंजी देश को बदनाम भी कर देती है।
नौजवान पढ़ने-लिखने के बाद उन्हें सही दिशा न मिलने पर गलत रास्ते पर चलते हैं तो उनके हाथों में हथियार नजर आते हैं। पाकिस्तान में ऐसे ही पढ़े-लिखे युवक गुमराह होकर आतंकवाद से जुड़ रहे हैं।