विधानसभा चुनावों में रिकार्ड मतदान से देहात चंद वोट न पड़ने के चलते चूक गया। इस बार चार सीटों पर मतदान में 62.58 फीसदी मतदान हुआ। जबकि, वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में 62.63 फीसदी मत पड़े थे। बता दें कि जिले में 19 फरवरी को मतदान हुआ था। वहीं, कमिश्नर (कानपुर) इफ्तिखारूद्दीन ने फोन पर बताया कि मतदान प्रतिशत में अंतर आना तो बड़ी गड़बड़ी है। बताया कि चूंकि, यह डाटा सीधे निर्वाचन आयोग को जाता है। इसलिए वह कुछ नहीं बता सकते हैं।
बीती 19 फरवरी को मतदान के दिन 12 लाख 71 हजार 375 मतदाताओं के सापेक्ष सात लाख 95 हजार 614 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। जिसमें 425118 पुरुष, 370489 महिला व सात थर्ड जेंडर मतदाताओं ने वोट डाले हैं। शुरुआत आंकड़ों के दौरान अधिकारियों से लिए मतदाधिकार प्रतिशत के आधार पर मतदान प्रतिशत करीब 65 फीसदी तक बताया गया। देर रात पोलिंग पार्टियों के पहुंचने पर जमा हुई ईवीएम और प्रपत्रों का मिलान करने पर सभी विधानसभाओं में मतदान प्रतिशत 62.57 फीसदी पाया गया।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विजेता ने बताया कि रसूलाबाद विधानसभा में 60.67 फीसदी, अकबरपुर-रनियां में 65.57 फीसदी, सिकंदरा विधानसभा में 60.15 फीसदी व भोगनीपुर विधानसभा में 63.66 फीसदी सहित कुल 62.5875 फीसदी मतदान हुआ है। मतदान के दिन शुरुआत आंकड़े फोन से लिए जा रहे थे। जल्दबाजी में गलत आंकड़े जारी हुए होंगे लेकिन देर रात प्रपत्रों का मिलान होने के बाद, सभी विधानसभाओं में उक्त मतदान प्रतिशत निकाला गया।
विधानसभा चुनावों में थर्ड जेंडर मतदाता वोट डालने से दूर रहे। इससे चारो विधानसभाओं में 82 थर्ड जेंडर मतदाताओं में से सिर्फ 8.53 फीसदी ने ही मतदान में हिस्सा लिया। निर्वाचन कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार रसूलाबाद विधानसभा में 16 थर्ड जेंडरों में से किसी ने भी मतदान नहीं किया। अकबरपुर-रनियां विधानसभा मं 33 थर्ड जेंडर मतदाताओं के सापेक्ष चार, सिकंदरा में 10 के सापेक्ष 2 और भोगनीपुर विधानसभा में 23 थर्ड जेंडर मतदाताओं के सापेक्ष मात्र एक ने ही वोट डाला। इस तरह जिले में कुल सात थर्ड जेंडर मतदाताओं ने ही मताधिकार का प्रयोग किया।
मतदान प्रतिशत में अंतर को जानने के लिए डीएम के सीयूजी नंबर पर कई बार फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा, इसके बाद नंबर नॉट रीचबल हो गया। एडीएम प्रशासन शिवशंकर गुप्ता का सीयूजी नंबर नॉटरीचबल रहा।