साधन सहकारी समितियों में किसानों के गेहूं बिक्री का भुगतान कराने के लिए खातों में रुपये पहुंचा दिया गया। कैलई समिति के 17 किसानों का बकाया 11 लाख और समिति डींग के 22 किसानों का भुगतान चेक से कर दिया है। वहीं किसानों ने अमर उजाला की इस पहल को सराहा है।
विकास खंड मलासा की सहकारी समिति कैलई में गेहूं खरीद का भुगतान किसानों को न मिल पाने से परेशानी की खबर को 19 अप्रैल को प्रकाशित किया था। साथ ही किसानों के सामने आड़े आ रही समस्याएं भी प्रकाशित की गई थी, जिसका 24 घंटे के बाद परिणाम यह हुआ कि विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। सचिवों को निर्देश जारी किए गए कि खरीद जारी रखी जाए। किसी भी किसान का भुगतान नहीं रुकने दिया जाएगा।
गुरुवार की शाम ही समितियों के खातों में रुपये जारी करा दिया गया। कैलई समिति के सचिव मनोज कुमार अवस्थी ने बताया कि शुक्रवार तक 16 लाख रुपये खाते में आ गया। इससे किसानों का भुगतान जारी हो गया। खरीद भी बराबर जारी है। वहीं साधन सहकारी समिति डींग के सचिव शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उनके केंद्र में शुक्रवार की दोपहर तक 22 किसानों से 935 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। सभी किसानों को आरटीजीएस चेक जारी की कर दी गई हैं। खाते में अभी 8 लाख रुपये आए है।
वहीं, गेहूं तौल कराने के बाद चेक लेते हुए किसान हारामऊ के चंदनपुर निवासी मेघ सिंह, जगदीशपुर के जीतेंद्र सिंह ने अमर उजाला की पहल पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अब खरीद केंद्रों पर कोई भीड़ नहीं होती। कोई दबाव नहीं है किसी को नंबर नहीं लगाना है, यहीं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो जाता है। गेहूं की तौल हो जाती है चेक मिल जाती है। वहीं गेहूं की तौल कराने आए असेवा के ज्ञान सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर लगाते ही तौल शुरू हो गई। सभी का भुगतान कर दिया गया।
वहीं, समिति के सचिव शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इसमें निर्देशित किया गया है कि ढुलाई का भुगतान किसान ही नगद वहन करेगा। उसी आधार पर लिया जा रहा है, जिसको वह समिति में जमा करेंगे। उसके एवज में 10 रुपये क्विंटल के हिसाब से चेक काट कर दी जा रही है। किसानों का कहना है कि उनको इसका क्या फायदा हम ही से लेकर हमें ही दिया जा रहा है।