जाम लगाने वाली भीड़ को समझाते पुलिस अधिकारी।
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थाना के मकनियापुर गांव में करंट लगने से घायल युवक की मौत पर परिजनों ने ग्रामीणों के साथ झींझक-रसूलाबाद मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया।
प्रदर्शनकारी मृतक के परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे थे। क्षेत्राधिकारी व उपजिलाधिकारी डेरापुर के मुआवजा दिलाने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने शव हटाया और जाम खुलवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस वजह से दो घंटे तक झींझक-रसूलाबाद मार्ग पर आवागमन बाधित रहा।
बता दें कि गत एक अक्तूबर को निजी नलकूप के कनेक्शन की केबल जोड़ने के लिए मकनियापुर गांव निवासी मनोज (29) पुत्र सुभाष विद्युत पोल पर चढ़ा था। करंट लगने पर वह विद्युत पोल से नीचे गिरकर घायल हो गया था। घायल मनोज का कानपुर के निजी अस्पताल में चल रहा था। अस्पताल में शनिवार सुबह मनोज की मौत हो गई।
परिजनों ने मुआवजा की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ किशौरा गांव के सामने झींझक-रसूलाबाद मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। थानाध्यक्ष मंगलपुर व झींझक चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया तो महिलाएं पुलिस से नोकझोंक करने लगीं।
उपजिलाधिकारी डेरापुर सुरजीत सिंह व पुलिस क्षेत्राधिकारी माजिद अब्सार ने मृतक के परिजनों को समझाकर गांव में एक एकड़ भूमि का पट्टा व बिजली विभाग से दो लाख रुपये का मुआवजा तथा पारिवारिक लाभ योजना से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि मृतक के परिजनों को कृषि भूमि का पट्टा, बिजली विभाग से मुआवजा तथा पारिवारिक लाभ योजना से लाभ दिलाया जाएगा। थानाध्यक्ष मंगलपुर जेपी यादव ने बताया की शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है।