घाटमपुर (कानपुर)। कोरोना संकट के चलते सावन में प्रमुख शिवालयों में भक्तों के प्रवेश के रोक चलते उनमें मायूसी है। जबकि, इससे पहले सावन शुरू होते ही क्षेत्र के प्रमुख शिवालयों में सुबह से लेकर शाम तक मेले जैसा नजारा दिखाई देता था। लेकिन वहां सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है।
स्थानीय निवासियों जगदीश प्रसाद पांडेय (सजेती), कमलेश शुक्ला (सिधौल), संजय तिवारी (सरगांव), चंद्रभान सिंह परिहार ग्राम प्रधान (गुजेला), श्रीकृष्ण यादव (चतुरीपुर), शिवशंकर सिंह (पतारा) और अमरनाथ अवस्थी (सिरोमनपुर) ने बताया कि सावन का सोमवार से शुरू होने से भक्तों में काफी उत्साह था। लेकिन, शिवालयों में प्रवेश निषेध के चलते उनका उत्साह फीका है। शिवभक्तों ने बताया कि इस बार सावन के महीने में पांच सोमवार भी पड़ रहे हैं।
उन्होंने हर सोमवार को क्षेत्र के अलग-अलग प्रमुख शिवालयों में जाकर पूजा करने की योजना बनाई थी। बताया कि मार्कण्डेयश्वर (सिधौल), बिहारेश्वर (अज्योरी-सजेती), बारीश्वर महादेव (कस्बा घाटमपुर), बैजनाथ धाम (कस्बा पतारा), पातालेश्वर महादेव (पतरसा), भद्रेश्वर महादेव (निबियाखेड़ा) और औलियाश्वर महादेव (करचुलीपुर-साढ़) के अलावा झारखंडेश्वर महादेव (पालपुर-कोरथा), नंदना गांव के रामेश्वर, रतनपुर गांव के रत्नेश्वर और सिमौर गांव में स्थित कालेश्वर महादेव के मंदिरों में भी बड़ी संख्या में भक्त पूजन करने जाते हैं।