प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सूरज सिंह के नेतृत्व में अंतरजनपदीय स्थानांतरण पर आए टीचरों ने गुरुवार को सुबह 10 से दोपहर सवा 3 बजे तक बीएसए दफ्तर में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल व अफसरों के बीच तीन घंटे से भी लंबी वार्ता चली, लेकिन समस्या हल नहीं हुई।
गुरुवार को सुबह से ही हंगामा शुरू हो गया। मुख्य गेट के बाहर टीचर दरी बिछाकर बैठ गए। विद्यालय आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नाराजगी जाहिर करने लगे।
उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचा तो जिला विद्यालय निरीक्षक प्रेमप्रकाश मौर्या, उप जिलाधिकारी जयनाथ यादव, बीएसए मो. अल्ताफ ने शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सूरज सिंह यादव, अवधेश, पूर्व ब्लाक प्रमुख शिव प्रसाद उर्फ लला यादव के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। तीन बजे के बाद तय हुआ कि सीडीओ से वार्ता होगी।
इसके बाद एसडीएम ने टीचरों से पांच मिनट में परिसर खाली कर चले जाने को कहा तो लेकर एसडीएम व शिक्षक नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। अंत में शिक्षक समस्या का समाधान न होने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कहते हुए चले गए।
कंट्रोल रूम से नहीं हुई मानीटरिंग पर लगा ब्रेक- कानपुर देहात। बीएसए दफ्तर में बने कंट्रोल रूम से स्कूलों में टीचरों की हाजिरी चेक करने की व्यवस्था प्रदर्शन की भेंट चढ़ गई। अफरातफरी के कारण स्कूलों में फोन नहीं किए जा सके। एडीबेसिक कार्यालय से फोन आने पर इसकी जानकारी भी दी गई।
इसी तरह कुछ बाबुओं के कक्षों में ताले लटकते रहे तो कुछ दोपहर बाद खुले। वहीं कई कार्यालय कर्मी अपने पटल से उठकर इधर-उधर टहलते रहे। एसडीएम जयनाथ यादव ने बताया कि प्रदर्शन के चलते तहसील में भी राजस्व विभाग व डीआईओएस कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित हुआ।
आपरेशन के बावजूद 80 किमी. दूर स्कूल दिया- कानपुर देहात। सीतापुर से आईं शिक्षिका बीना पटेल ने बताया कि उनकी रीढ़ की हड्डी में आपरेशन हुआ।
इसके बावजूद उन्हें मनमाने तरीके से झींझक ब्लाक क्षेत्र के बीहड़ में स्थित स्कूल दिया गया है। उनके घर से यह विद्यालय करीब 80 किमी दूर स्थित है। अपनी समस्या बीएसए दफ्तर में बताई पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
छावनी में तब्दील रहा बीएसए दफ्तर- कानपुर देहात। बवाल की आशंका पर बीएसए दफ्तर छावनी में तब्दील हो गया। कोतवाल फरमूद अली पुंडीर, गजनेर थानाध्यक्ष भीमसेन पौनिया, दारोगा दिनेश मिश्रा समेत कई पुरुष व महिला सिपाही तैनात रहे।
वार्ता में बीएसए कक्ष के बाहर के साथ ही परिसर में भी जगह-जगह पुलिस बल मुस्तैद रहा।