मुख्य चिकित्साधिकारी के स्थानांतरण की मांग पर 13 दिसंबर से धरना-प्रदर्शन व कार्य बहिष्कार पर डटे डिप्टी सीएमओ और स्वास्थ्य कर्मियों का नौवें दिन भी अकबरपुर सीएचसी में धरना जारी रहा। वहीं, मंगलवार देर शाम जिलाधिकारी से हुई वार्ता में कोई हल नहीं निकल सका। वहीं बुधवार को भी पीएमएस संघ की सीएमओ से वार्ता में कोई समाधान नहीं हो सका। इसके चलते समन्वयक समिति ने कार्य बहिष्कार जारी रखने का एलान किया है। वहीं बुधवार को स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी ठप रहने से सैकड़ों मरीज लौटने को मजबूर रहे।
बताते चलें कि सीएमओ कार्यालय के डिप्टी सीएमओ सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी सीएमओ डा. अनीता सिंह पर उत्पीड़न व प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर 13 दिसंबर से धरना देकर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। वहीं 19 दिसंबर को पीएमएस संघ की ओर से भी धरना दे रहे स्वास्थ्य कर्मियों के पक्ष में समर्थन देने के बाद से धरना कर रहे लोगों की संख्या में काफी इजाफा हो चुका है। अवकाश के बाद लौटे जिलाधिकारी से स्वास्थ्य कर्मियों की मंगलवार को देर शाम तक वार्ता चली। इस दौरान भी समस्या समाधान का कोई हल नहीं निकल सका। इससे बुधवार को बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी सुबह से अकबरपुर सीएचसी परिसर में एकत्रित हो गए। इस दौरान डिप्टी सीएमओ व स्वास्थ्य कर्मियों ने सीएमओ हटाओ की नारेबाजी की। वहीं दोपहर बाद पीएमएस संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सीएमओ के बीच वार्ता हुई। समन्वय समिति के संयोजक डा. एपी वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी व सीएमओ से वार्ता में कोई हल नहीं निकल सका है। इसके चलते सभी अधिकारी व कर्मचारी कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे। वहीं अकबरपुर सीएचसी सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में बड़ी संख्या में मरीज लौटने को मजबूर रहे। हालांकि, जिला अस्पताल में ओपीडी चलने व इमरजेंसी सेवाएं चालू रहने से लोगों को राहत मिली।
स्वास्थ्य कर्मियों व चिकित्सकों की ओर से सीएमओ के उत्पीड़न के विरोध में कई दिन से चल रही हड़ताल के समर्थन में सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित चल रही हैं। बुधवार को भी डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. सोनाली आनंद सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी सीएचसी परिसर में टहलते रहे। डाक्टरों के ओपीडी में न बैठने से मरीज बिना इलाज कराए फिर से बैरंग लौटने को मजबूर हुए। कुछ गंभीर मरीज इलाज के लिए झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में पहुंच गए। जबकि, सीएचसी की आपातकालीन व प्रसव संबंधी स्वास्थ्य सेवाएं संचालित रहीं।
डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते बुधवार को मरीजों को बिना इलाज के बैरंग लौटना पड़ा। गजनेर कस्बे की साप्ताहिक बाजार होने के चलते कई मरीज डाक्टरों को दिखाने तो कुछ लोग दोबारा परामर्श लेने के लिए सीएचसी पहुंचे। लेकिन, डाक्टरों के कार्य बहिष्कार की जानकारी होने पर निराश होकर लौटने को विवश हुए। आगापुर गांव से आए नरेश ने बताया कि वह अपनी मां सुखदेवी को इलाज के लिए तीन दिनों से लगातार ला रहा है। वहीं हिलौठी से आए मरीज रामचंद्र, रामकरन, भगवंतपुर गांव से आए डालचंद्र भी इलाज न मिलने से वापस लौटने को मजबूर हुए। जबकि, स्वास्थ्य केंद्र में डा. विपेंद्र सिंह मौजूद रहे।