तेज हवाओं और नमी से जमीन पर गिरी पड़ी फसल।
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मौसम में परिवर्तन के कारण गर्मी से गेहूं की बाली में दाना कम पड़ने व पौधों के समय से पहले सूखने को लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आ रही हैं। किसान फसल को सूखने से बचाने व सिंचाई करने पर तेज हवाओं से फसल गिरने की चिंता पर परेशान हैं।
गेहूं की फसलों पर अभी बाली आना शुरू हुई है, लेकिन मौसम में समय के पूर्व शुरू हुई गर्मी से गेहूं की फसल में नमी की भारी कमी हो रही है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगी हैं। किसानों के मुताबिक गर्मी के कारण फसल की नमी खत्म हो रही है।
ऐसी स्थिति में पौधों के सूखने का डर है। सूख रही गेहूं की फसलों की सिंचाई करने पर नमी के चलते पौधे बालियों के वजन से खेत में गिर रहे है। इससे उपज पर काफी नुकसान होता नजर आ रहा है।
किसान शराफत उल्ला खां, हुब्ब लाल यादव, रामनरेश चौबे, नंदकिशोर तिवारी आदि ने बताया कि गेहूं की बालियों में दाना कम पड़ने से उपज पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। गर्मी के चलते सिंचाई के अतिरिक्त भार के साथ तेज हवाओं से फसलें गिरने की परेशानी उठानी पड़ रही है।
किसानों को अनुमान है कि एक बीघा में 12 क्विंटल तक की पैदावार होने की संभावना है, लेकिन इस हालत में अब नौ से दस क्विंटल की उपज नजर आ रही है। अरहर व चने की फसल के लिए उक्त हवाओं भरे मौसम को मुफीद बताया है।