फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहीं बंद तो कहीं खुली दुकानें

Sat, 01 Jul 2017 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
बाजार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विज्ञापन
जीएसटी के विरोध में व्यापारी संगठनों द्वारा शुक्रवार को बुलाए गए महाबंद का जिले में मिला-जुला असर रहा। करीब 80 फीसदी दुकानदारों ने कारोबार किया। वहीं, कानपुर देहात जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जीएसटी का विरोध किया। साथ ही जाटिल प्रावधानों को व्यवहारिक बनाए जाने की मांग कर केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम वित्त को सौंपा।

अकबरपुर कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह तो दुकानें बंद रही, लेकिन दोपहर के बाद अधिकांश दुकानों के शटर उठ गए। सिर्फ कुछ कपड़ा कारोबारियों ने दुकानें बंद रखकर विरोध जताया। इधर, जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि ने दोपहर बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद केंद्रीय वित्त अरुण जेटली को संबोधित ज्ञापन एडीएम वित्त गिरजा शंकर सिंह को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने 30 जून तक के स्टॉक को जीएसटी में समायोजित न किए जाने, मंडी शुल्क को जीएसटी में शामिल न किए जाने, एक ट्रेड कम्यूनिटी में एक दर रखने जाने, खाद्य पदार्थों को जीएसटी से बाहर किए जाने समेत कई मांगें रखीं। इसके अलावा जेल भेजने और जुर्माने के प्रावधानों को व्यवहारिक बनाए जाने की मांग की। उनका कहना है कि इससे व्यापारी अधिकारियों के शोषण और उत्पीड़न का शिकार होंगे। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष नीरज मिश्र, महामंत्री पीयूष कौशल, महेश चंद्र अग्रवाल, रामकुमार गुप्ता, अजय बाजपेई, दिलशाद अहमद आदि व्यापारी मौजूद रहे।  
विज्ञापन


शिवली प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा में व्यापारियों ने शुक्रवार को जीएसटी बिल के विरोध में कुछ समय के लिए दुकानें बंद रखीं। साप्ताहिक बाजार होने के कारण कुछ ही देर बाद दुकानों के शटर खोल दिए। व्यापार मंडल अध्यक्ष रमाकांत अग्निहोत्री ने बताया कि व्यापारियों ने बंदी का समर्थन किया। वहीं, मैथा, बाघपुर, भाऊपुर, व बैरी आदि जगहों में बंदी का असर नहीं दिखा। रूरा प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा रूरा में भी जीएसटी के विरोध में पूर्व घोषित बंदी का कार्यक्रम फ्लाप रहा। कपड़े की दुकानों समेत बाजार रोजाना की तरह समय पर खुला। यहां पर व्यापार मंडल संगठन भी बंदी को लेकर सक्रिय नहीं दिखा।

झींझक प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा झींझक में भी बंदी का असर नहीं दिखा। यहां पर सभी व्यापारियों ने अपनी दुकानें खोलीं। व्यापारी अशोक राजपूत, सुरेश शर्मा आदि ने कहा कि केंद्र सरकार के जीएसटी लागू करने से व्यापार में कोई दिक्कत नहीं है। यह सरकार की एक अच्छी पहल है। इससे व्यापार में पारदर्शिता आएगी।
रसूलाबाद प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा में जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं। व्यापारियों ने विरोध जताते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित छह सूत्री मांगपत्र एसडीएम को सौंपा। गुुरुवार को उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष कमल दुबे की अगुवाई में व्यापारियों ने छोटे व्यापारियों पर ईवे बिल न लागू किए जाने, जीएसटी की उच्चतम दर 15 प्रतिशत से अधिक किए जाने, कपड़ा, तिलहन, कीटनाशक, कृषियंत्र व जन जीवन के लिए आवश्यक वस्तुओं को जीएसटी से मुक्त रखने व महीने में तीन रिटर्न की जगह त्रिमासिक रिटर्न दाखिल करने आदि मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर विजय मिश्रा, यासीन परवेज, आनंद बिहारी, चंद्रभान गुप्ता, गोविंद शुक्ला, आलोक बाजपेई, अकील खान, सोनू पांडेय व कमलेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


वहीं डेरापुर प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा में जीएसटी के विरोध में दुकानें बंद करने की रणनीति पूरी तरह ध्वस्त हो गई। कस्बा में सभी दुकानें खुली रही। यहां पर दुकानें बंद कराने या जीएसटी पर चर्चा करने के लिए व्यापार मंडल का कोई भी पदाधिकारी नही पहुंचा।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें