जिला एवं सत्र न्यायालय की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट मंजुला सरकार ने गुरुवार को दोपहर सवा तीन बजे रनियां स्थित शांति देवी मेमोरियल बाल गृह का स्थलीय निरीक्षण किया। सबसे पहले उन्होंने 0 से 5 वर्ष वाले बच्चों को रखने वाले बालगृह का सूरतेहाल देखा।
दुर्दशा देखकर उनके मुंह से निकला कि यह तो जेल खाना के समान है। आसपास गंदगी का माहौल है। प्रतीत हो रहा है कि बच्चे कीचड़युक्त दूषित पानी पीते रहे। हवा व रोशनी तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके बाद वह 6 वर्ष से 12 वर्ष तक के बच्चों वाले बालगृह की हकीकत जांची।
पूरे भवन में घूम-घूमकर हालात जांचे। बच्चों से खाने-पीने के बारे में जानकारी ली। खाने में किस वक्त क्या मिलता है, दूध मिलता है कि नहीं, मैडम कुछ पढ़ाने आती हैं कि नहीं, गेम खिलाए जाते हैं या नहीं समेत कई सवाल किए। परिसर में चल रहे निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण कराने को कहा।
अपर जिला जज ने बाल गृह के अभिलेखों की भी जांच पड़ताल की। रजिस्टरों को सीन भी किया। संचालक के न मिलने पर कर्मचारियों से कहा कि जितने भी अभिलेख हैं उन्हें जिला प्रोबेशन अधिकारी के साथ में लेकर प्रबंधक शनिवार को सुबह 10 बजे कोर्ट में पहुंचें। साथ ही बच्चों की संख्या, कितने बच्चे खत्म हुए, कौन सा बच्चा कहां से आया, किस तारीख को आया, किस बच्चे को क्या बीमारी थी, कितना स्टाफ है, निरीक्षण के दौरान जो उपस्थित या अनुपस्थित मिला, उसका संपूर्ण विवरण भी तलब किया है।