फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेंट्रल बैंक के कैश काउंटर का शीशा तोड़ा

Fri, 09 Dec 2016 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
टूटा श्‍ाीश्‍ाा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
 कस्बा स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ  इंडिया में कैश वितरण के समय गुरुवार को अराजकतत्वों ने बैंक कर्मचारियों से गालीगलौज करते हुए कैश काउंटर का शीशा तोड़ दिया। टूटे शीशे से बैंक कैशियर की उंगली में चोट लग गई। बैंक में अफरातफरी देख शाखा प्रबंधक ने कुछ देर के लिए कैश वितरण बंद करा दिया। सूचना पर एसडीएम, तहसीलदार, थानाध्यक्ष ने बैंक पहुंचकर छानबीन की। शाखा प्रबंधक ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस की मौजूदगी में दोबारा कैश वितरण कराया गया।
विज्ञापन


गुरुवार को रसूलाबाद चौराहा स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में रुपये निकालने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। बैंक कैशियर रजपाल ने खाताधारकों को रुपया देना शुरू किया। इसी बीच कुछ अराजकतत्वों ने बैंक के अंदर धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इससे बैंक में अफरातफरी का माहौल हो गया। इसी दौरान अराजकतत्वों ने बैंक के कैश काउंटर का शीशा तोड़ दिया, जिससे कैशियर रजपाल की उंगली में चोट लग गई। शाखा प्रबंधक दिनेश श्रीवास्तव ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस बल के न पहुंचने पर बैंक में अफरातफरी देख शाखा प्रबंधक ने कैश वितरण बंद करा दिया।


उपजिलाधिकारी राजीव पांडेय, तहसीलदार रामदयाल, थाना प्रभारी ह्रदयनारायन तिवारी बैंक पहुंचे और स्थिति को सामान्य कराया। पुलिस की मौजूदगी में दोबारा कैश वितरण शुरू कराया गया। शाखा प्रबंधक डीके श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि कुछ लोगों ने शाखा में अराजकता फैलाई है। आरोप लगाया कि कुछ अराजकतत्वों ने गालीगलौज करते हुए कैश काउंटर का शीशा तोड़ दिया। इससे कैशियर रजपाल की उंगलीमें कांच लग गया।   शाखा प्रबंधक ने थानाध्यक्ष से पर्याप्त बल भेजने की मांग की है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन

बताते चलें कि नोटबंदी के बाद से लेकर रसूलाबाद कस्बा स्थित बैंकों सहित अन्य शाखाओं में लोगों की हर रोज रुपये निकालने के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। अधिकांश बैंकों में नोट की किल्लत होने से लोगों की धन निकासी नहीं हो पा रही है। लोग सुबह से ही बैंकों में भीषण ठंड के बावजूद लाइन लगाने को मजबूर हो रहे हैं। बैंकों में दोपहर तक कैश बांटने के बाद नोट खत्म होने की नोटिस लगाकर लोगों को वापस कर दिया जाता है। इससे जरूरतमंदों में लगातार आक्रोश पनप रहा है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें