जिले भर के सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों व स्टाफ की हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीनों का सहारा लेगा। जिलाधिकारी ने दो दिन के अंदर समस्त 43 अस्पतालों में हाजिरी के लिए हाईटेक व्यवस्था पूरी करने की जिम्मेदारी सीएमओ को सौंपी है।
डीएम कुमार रविकांत सिंह ने बताया कि डाक्टरों व चिकित्सीय स्टाफ के गायब रहने की शिकायतें आए दिन मिल रही हैं। छापेमारी के दौरान भी बड़े पैमाने पर डाक्टरों व कर्मचारियों के गायब रहने का खुलासा हो चुका है। ऐसी स्थिति में बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था लागू कराई जा रही है। जिले के 35 सीएचसी, पीएचसी, न्यू पीएचसी में बायोमेट्रिक मशीनें लगाने का काम पूरा हो गया है। शेष 8 अस्पतालों में भी दो दिन के अंदर ये मशीनें लग जाएंगी।
उन्होंने बताया कि अब बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर ही वेतन बनेगा। इसे सीधे आनलाइन कनेक्ट कर दिया गया है। पंच करते ही हाजिरी की स्थिति केंद्रीय मानीटरिंग मशीन तक पहुंच जाएगी। 10 दिन के अंदर अब सुधार नजर आएगा। बायोमीट्रिक मशीनों की हाजिरी रिपोर्ट के आधार पर ही वेतन भुगतान किया जाएगा।
मैनुअली वेतन बिल बनाने की व्यवस्था पर तत्काल ब्रेक लगा दिया गया है। आपात स्थिति में यदि किसी चिकित्सक या कर्मचारी का किसी दिन का वेतन भुगतान कराने के लिए मैनुअल बिल बनता है तो उसे एमओआईसी पहले सीएमओ के पास भेजेंगे। सीएमओ स्वीकृति के बाद जिलाधिकारी से स्वीकृत कराएंगी। डीएम के स्तर पर स्वीकृति के बाद ही ट्रेजरी में भुगतान के लिए कागजात जाएंगे।