नहरों में पानी न आने पर शुक्रवार को सैकड़ों किसान धरमपुर बंबे पर इकट्ठे हुए और कानपुर-सागर राजमार्ग पर जाम लगा दिया। जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह आक्रोशित किसानों की समझा बुझाकर रोड जाम खुलवाया। इस दौरान तकरीबन डेढ़ घंटे तक राजमार्ग पर यातायात ठप रहा।
ज्ञात हो कि करीब डेढ़ महीने से अधिक का समय बीत गया पर सभी नहरें सूखी पड़ी हैं, जिससे रबी की मुख्य फसल गेहूं की दूसरी और तीसरी सिंचाई न हो पाने से फसल बर्बाद हो गई है। दो दिन पहले धरमपुर बंबा और भदरस रजबहा क्षेत्र के किसानों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था, जिसमें दो दिन के भीतर नहरों में पानी न आने पर कानपुर-सागर राजमार्ग पर जाम लगाने की भी चेतावनी दी थी।
शुक्रवार की सुबह से ही किसानों का धरमपुर बंबे में जमावड़ा लगना शुरू हो गया। पड़री-लालपुर, संचितपुर, धरमपुर, ककरहिया, चतुरीपुर, बरनांव, नगेलिनपुर, जगदीशपुर, पतारा और सिरोमनपुर सहित तकरीबन 20 गांवों के किसान पहुंच गए। उन्होंने धरमपुर बंबा के पुल पर धरना देने के बाद कानपुर-सागर राजमार्ग को जाम कर दिया।
सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने जाम की अगुवाई कर रहे किसानों की फोन पर एसडीएम कमलेशचंद्र बाजपेई से बात कराई। एसडीएम ने बताया कि उन्होंने नहर विभाग के अधीक्षण अभियंता से बात की है। बताया कि उन्होंने 24 घंटे के भीतर धरमपुर बंबे में पानी छोड़ने की बात कही है। इधर, इस दौरान तकरीबन डेढ़ घंटे तक कानपुर-सागर राजमार्ग पर यातायात ठप रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। छोटे चार पहिया वाहन और कई रोडवेज बसें