मलासा कसबे में रजवाहों में टेल तक पानी नहीं पहुंचने से किसानों के सामने खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है। इलाके के ज्यादातर सरकारी नलकूप बंद पड़े हैं। साथ ही निजी नलकूपों से सिंचाई पूरी नहीं पड़ रही है।
यहां के किसानों का कहना है कि रजवाहों की सफाई न होने से टेल तक पानी नहीं पहुंचता है। जलालपुर के वेदभूषण सचान, छतेनी के इंद्रपाल तिवारी, डोभा के मोतीलाल सचान, गोपालपुर के अरविंद सिंह यादव ने बताया कि मनरेगा की शुरुआत में क्षेत्र के रजवाहों की सफाई कराई गई थी।
जिससे टेल तक पानी पहुंचने की उम्मीद जगी थी, लेकिन सफाई न होने से उम्मीद पर पानी फिर गया। सिंचाई समस्या पर भारतीय किसान यूनियन का आंदोलन भी कारगर साबित नहीं हुआ। रखरखाव न होने से रजवाहों का अस्तित्व ही खत्म होता जा रहा है। झाड़ियों और जंगली खरपतवरों से रजवाहे ढक गए हैं। किसानों का कहना है कि रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचने लगे तो समस्या का समाधान हो सकता है।