विभिन्न मांगों को लेकर उ.प्र. लेखपाल संघ के सभी तहसील लेखपाल अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए हैं। तहसील का संपूर्ण कार्य ठप हो गया है। तहसीलदार ने बताया कि जब तक लेखपाल की हड़ताल समाप्त नहीं होती, तब तक पैमाइश और जनसुनवाई जैसे अति महत्वपूर्ण कार्यों को समय से पूरा नहीं कराया जा सकेगा। उधर, लेखपाल संघ के पदाधिकारियों की माने जब तक जिला प्रशासन उनकी मांगों पर अमल नहीं करता, हड़ताल जारी रहेगी।
उ.प्र. लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने बताया कि विभागीय लेखपाल अब अफसरों का शोषण किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं करेंगे। बिना बुनियादी सुविधाओं और सीमित वेतन से लेखपाल की माली हालत दिनों-दिन खस्ता होती जा रही है, स्टेनरी और एक-एक लेखपाल के पास कई-कई राजस्व क्षेत्रों का भार होने से सभी परेशान हैं।
सदर तहसील में तैनात कुछ लेखपालों पर कार्रवाई से लेखपाल संघ के पदाधिकारी उत्तेजित हैं। इसलिए निर्देश लेखपालों पर कार्रवाई करने वाले अफसरों पर जब तक जिलाधिकारी दंडात्मक अमल नहीं करते तब तक जिले के सभी लेखपाल हड़ताल पर रहेंगे। संघ के जनसंपर्क प्रतिनिधि नरेंद्र तिवारी ने बताया कि लेखपालों की समस्याओं के निदान पर कोई अफसर ध्यान नहीं देता। राजस्व विभाग के सर्वाधिक काम लेखपाल के कंधों पर ही है। ज्यादा काम के बाद भी लेखपालों पर कार्रवाई हो यह गलत हैं। हड़ताल के दौरान तहसील महामंत्री आनंद शंकर पांडे, प्रवीण सिंह, हिमांशू पांडे, कृष्णशंकर तिवारी, आशुतोष, कर्णिका सिंह आदि मौजूद रहे।
तहसील क्षेत्र के 410 राजस्व गांवों में एक सैकड़ा लेखपाल और राजस्व निरीक्षक तैनात हैं। गुरुवार मांगों को लेकर लेखपालों के हड़पाल पर जाने से तहसील के सभी पटलों का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। शासन की वरीयता वाले जनसुनवाई, संपूर्ण समाधान दिवस सहित पैमाइश और आय, जाति सहित कई प्रकार के प्रमाण पत्रों के निर्गत होने में समस्या आएगी।
अमित गुप्ता, तहसीलदार, बिल्हौर