बिरहर गांव के प्राचीन भद्रकाली देवी मंदिर में पीतल के घंटों की चोरी मामले को आईजी आशुतोष पांडेय ने संज्ञान में लिया है।
उन्होंने घटना के बारे में एसओ और सीओ से जानकारी करने के साथ रिपोर्ट दर्ज करने और जांच में की गई कोताही पर नाराजगी जताई है।
9 दिसंबर की रात रिंद नदी के किनारे बसे बिरहर गांव के प्राचीन भद्रकाली देवी मंदिर परिसर में चोरी की घटना हुई। चोर मंदिर के अंदर जंजीरों से बंधे पीतल के कीमती घंटे काट ले गए थे।
घटना की तहरीर मंदिर के पुजारी की ओर से पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटना की जांच करने के नाम पर रिपोर्ट भी नहीं लिखी। पुलिस ने फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट (फील्ड यूनिट) और डाग स्क्वायड तक को नहीं बुलवाया।
गांव के निवासियों ने बताया कि यदि समय पर फील्ड यूनिट आ जाती तो चोरी की घटना खोलने के लिए पर्याप्त सबूत हाथ लग जाते है।
पुलिस की लापरवाही की सूचना आईजी आशुतोष पांडेय तक पहुंची। उन्होंने सीओ कृष्णकुमार और एसओ अशोक कुमार सिंह से पूछताछ की और रिपोर्ट न दर्ज करने एवं जांच में कोताही बरतने पर डांट भी पिलाई।
शुक्रवार को दोपहर सीओ कृष्णकुमार बिरहर गांव पहुंचे। उन्होंने बिरहर चौकी इंचार्ज नरेश सिंह पर घटना को छिपाने का आरोप लगाकर उनको आड़े हाथों लिया।
सीओ ने मंदिर के पुजारी और मालियों से पूछताछ करके आवश्यक जानकारी जुटाई। शुक्रवार की सुबह मंदिर से कुछ दूरी पर जंगल में पीतल के दो घंटे और एक टूटा हुआ ताला पड़ा मिला।