कानपुर के उत्तरापूरा कस्बे में सवा करोड़ का तांबा लूटने, ट्रक
चालक-क्लीनर की हत्या कर आग लगाने की घटना का खुलासा शुक्रवार को एसएसपी
शलभ माथुर ने किया। पुलिस के मुताबिक वारदात में शामिल चार आरोपियों को
कानपुर पुलिस ने आगरा से धर दबोचा है।
वारदात में शामिल मुख्य आरोपी रिश्ते
में सगा मामा लगता है। पुलिस ने आगरा के एत्माद्दौला स्थित पीलाखार इलाके
मेंएक कबाड़ पर दबिश देकर 80 लाख रुपये का कॉपर बरामद किया है, साथ ही
संचालक यासीन और उसके बेटे मेराज को गिरफ्तार कर लिया।
बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के उत्तरीपूरा कस्बे के हाईवे पर 25 नवंबर की देर रात एक ढाबा के पास खड़ा ट्रक अचानक जल उठा। आग बुझाने के बाद ट्रक से पुलिस को दो लाशें बरामद हुईं थी। जांच में दोनों की पहचान अलीगढ़, इगलस निवासी ट्रक चालक गजेंद्र सिंह और क्लीनर प्रेम सिंह के रूप में हुई थी।
ट्रक गजेंद्र के भाई धर्मेंद्र के नाम पर था। इसी आधार पर पुलिस की जांच चल रही थी। इस मामले में गुरुवार को आगरा के एक कबाड़ी के यहां छापा मारा गया। जहां से वारदात का खुलासा हुआ।
शुक्रवार को एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि वारदात में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वारदात का मुख्य आरोपी हरपाल मृतकों का रिश्ते में मामा लगता है। मुख्य आरोपी के खिलाफ अलीगढ़ में गोकशी और बलात्कार का मुकदमा दर्ज है।
पुलिस के मुताबिक 22 नवंबर को भिवाड़ी (राजस्थान) से दोनों सवा करोड़ रुपये का कॉपर लेकर नेपाल जाने को निकले थे।
आगरा से पहले ट्रक खराब हुआ। यह बात गजेंद्र ने अपने मामा हरपाल को फोन से बताई थी। हरपाल ने ट्रक बनवाने केनाम पर ट्रांसपोर्ट नगर, आगरा में बुलाया। ढाबे पर गजेंद्र और प्रेम के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया।
कुछ देर बाद दोनों बेहोश हो गए। आरोपी हरपाल ने अपने दो साथियों दिनेश और राजकुमार की मदद से ट्रक पर लदा कॉपर यासीन के कबाड़ पर उतार दिया। बाद में हरपाल 50 लीटर डीजल लेकर ट्रक पर बैठ गया।
बताया कि हरपाल ने चालक- क्लीनर को फूंकने का प्लान बनाया। कानपुर में ट्रक जाम में न फंसे इस कारण वारदात को अंजाम बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के उत्तरीपूरा कस्बे में दिया गया। 25 नवंबर की रात हरपाल ने ही ट्रक में डीजल डालकर आग लगा दी।