शिवली कसबे के बैरी सवाई गांव में सोमवार की भोर में एक घर की कच्ची छत भर-भराकर गिर पड़ी। मलबे की चपेट में आकर एक महिला की मौत हो गई। पुलिस शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की है।
घटनाक्रम के मुताबिक शिवली कसबे के बैरी सवाई गांव में सोमवार की सुबह शबाना पत्नी चांद बाबू् (35) घरेलू काम कर रही थी। वह काम करते-करते बरामदे में चली गई, इस बीच कच्ची छत भर-भराकर गिर पड़ी।
छत के मलबे में शबाना दब गई। आवाज सुनकर पड़ोसी निवासी शमशाद, इसाक, निसार, अनवर आदि लोग दौड़ पड़े। मिट्टी को हटाकर शबाना को बाहर निकाला गया, तब तक मौत हो चुकी थी। पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि शव कब्जे में लेकर कार्रवाई की जा रही है।
तहसीलदार मैथा अजय कुमार सिंह ने बताया कि महिला के घर में दबकर मरने की जांच कराई जा रही है। दैवी आपदा राहत से मदद पर विचार किया जाएगा।
इस हादसे से पांच बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। पिता चांद बाबू के बारे में पड़ोसियों ने बताया कि वह अक्सर बीमार रहता है। मां की मौत के बाद मासूम अफसाना, इकरा, सूफिया, इरफान, रेहान गुमसुम दिखाई दिए। बच्चों के भविष्य को देखते हुए सभी चिंतित दिखे।
केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा आवास के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं लेकिन इन योजनाओं का लाभ गरीबों को नहीं मिल पाता है। बैरी सवाई गांव में कच्ची छत गिरने से महिला की मौत हो गई। उसके छोटे छोटे बच्चों का भविष्य बिखर गया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि गरीबों को पक्के मकान का वादा कब पूरा होगा।