भीतरगांव (कानपुर)। पुलिस चौकी साढ़ के चिरली गांव में सरकारी स्कूल के पास बीमारी से मरे वृद्ध का शव दफनाए जाने का गांववालों ने विरोध किया। इसकी सूचना पर रात में ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे। रविवार की सुबह गांववालों के साथ वार्ता की और शव को वहां से निकलवाकर दूसरी जगह दफन करवाया गया।
गांव निवासी रंगीलाल बाल्मीकि चौकीदार के पद पर तैनात है। बीते शनिवार को उसके वृद्ध पिता हरदेव बाल्माकि की बीमारी से मौत हो गई। गांववालों ने बताया कि रात के अंधेरे में चौकीदार ने अपने बड़े भाई रामकिशन के साथ मिलकर गांव के बाहर स्थित परिषदीय स्कूल के पास पड़ी गांव समाज की जमीन पर गड्ढा खोदा और उसमें पिता के शव को दफन कर दिया।
इधर, जानकारी होने पर गांववालों ने स्कूल के पास शव दफनाए जाने का विरोध किया। इसकी सूचना एसडीएम और पुलिस को दी। जिसपर रात में ही सीओ रवि सिंह और कोतवाल आरबी सिंह चिरली गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया। वहीं, रविवार को फिर तमाम ग्रामीण पुलिस चौकी साढ़ पहुंचे।
इधर, सूचना पाकर नर्वल एसडीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी और तहसीलदार विनीत कुमार दल-बल के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने स्कूल के पास स्थित भूमि की पैमाइश कराने के बाद बताया कि विवादित जगह ग्राम पंचायत की है। दोपहर बाद प्रशासन के निर्देश पर परिजनों ने शव को खोदकर निकाला और उसकी दूसरी जगह दफन किया।