घाटमपुर। जवाहर नगर (पश्चिमी) निवासी प्रधानाचार्य के बेटे ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। शुक्रवार की शाम वह घर से साइकिल लेकर निकला था। देर शाम तक न लौटने पर पिता ने कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
शनिवार की सुबह रेलवे ट्रैक पर उसकी लाश मिली। पुलिस को उसके जेब से एक लाल कपड़े के टुकड़े पर लिखा सुसाइड नोट मिला। उसमें लिखा था कि मेरे ऊपर किसी का कोई दबाव नहीं था, आई एम आयुष सचान। सुसाइड नोट की लिखावट की पहचान कराई तो परिजनों ने उसी की राइटिंग बताया।
जवाहर नगर (पश्चिमी) निवासी राजेश सचान भदवारा गांव स्थित महाराणा प्रताप इंटर कालेज में प्रधानाचार्य हैं। उनका छोटा बेटा आयुष उर्फ शरद सचान (20) कोटा (राजस्थान) के रेजोडेंस कोचिंग सेंटर में जेईई मेंस की तैयारी कर रहा था।
बीते सप्ताह वह छुट्टी पर अपने घर आया हुआ था। पिता राजेश ने बताया कि आयुष कुछ दिनों से अवसादग्रस्त चल रहा था। जिसके चलते उन्होंने उसे कोटा की जगह कानपुर में ही तैयारी करने को कहा था। बताया कि उसका इलाज भी चल रहा था।
शुक्रवार की शाम करीब 6 बजे आयुष अपने पड़ोसी अमर सिंह सचान की साइकिल मांगकर घूमने जाने की बात कहकर अकेले ही निकल गया। जब देर शाम तक वह घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की गई।
किसी अनहोनी की आशंका के चलते पिता राजेश कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के साथ ही आयुष के फोन को सर्विलांस पर लगवा दिया।
इधर, शनिवार की सुबह रेलवे के कीमैन ने कानपुर-बांदा रेलवे ट्रैक के किनारे एक युवक की लाश पड़ी होने की सूचना दी। पास में ही उसकी साइकिल भी खड़ी थी। मौके पर पहुंचे लोगों ने युवक की शिनाख्त आयुष के रूप में की। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी कनपटी के चीथड़े उड़ गए थे। जबकि, कंधे पर भी गहरी चोट थी।
सीओ आरके चतुर्वेदी ने घटनास्थल की पड़ताल की। कोतवाल देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि आयुष ने अवसाद में आकर ट्रेन के आगे कूदकर जान दी है। बताया कि परिजनों ने भी इस बात की पुष्टि की है।