भाई-बहन के पवित्र प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन गुरुवार को हर्षोल्लास से मनाया गया। सुबह से शाम तक बहनों का भाइयों के घर पहुंचने का क्रम जारी रहा। उन्होंने भाइयों की कलाई में राखी बांधने के साथ जहां रक्षा का वचन लिया वहीं भाइयों ने भी बहनों की आन में अपने प्राण तक न्योछावर कर देने का भरोसा दिया।
गुरुवार की दोपहर तक अमृत योग में बहनों ने भाइयों की कलाई में रक्षासूत्र (राखी) बांधने के बाद उनका मुंह मीठा कराया। वहीं भाइयों ने भी बहनों को उपहार प्रदान किए। तहसील क्षेत्र के गांवों व कसबों में रक्षाबंधन के पर्व पर भीड़भाड़ देखने को मिली। महंगाई की मार का असर रक्षाबंधन के त्योहार पर दिखाई दिया।
बीते वर्ष जहां खोया की मिठाई के भाव 250 रुपये से लेकर 300 रुपये प्रति किलोग्राम थे वहीं इस बार 350 रुपये प्रति किलो बिकी। बेसन की मिठाइयों के भाव 150 रुपये से 250 रुपये प्रति किलोग्राम रहे। पतारा, सजेती और भीतरगांव समाचार प्रतिनिधियों के अनुसार, रक्षाबंधन के त्योहार पर दुकानों में राखी के साथ ही मिठाइयों की जमकर बिक्री हुई। कसबों में रोडों के किनारे राखी और मिठाई की दुकानें सजी रहीं। बीते वर्षों की तुलना में इस वर्ष सभी चीजों में महंगाई का असर रहा।