ककवन के विषधन और कन्नौज के तिर्वा में एक ही ढंग से डकैती डालने की घटना के बाद अब विषधन और तिर्वा के दूरदराज क्षेत्रों में कानपुर नगर और कन्नौज की पुलिस संयुक्त रूप सर्च आपरेशन चला रही है।
पुलिस की सख्ती से जोगी, सपेरे और भीख मांगने और गरीब ग्रामीण चौकन्ना है, संदिग्ध दिखने की दशा में पुलिस पलक झपके ही ऐसे लोगों को हिरासत में ले रही है।
बिल्हौर पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि पुलिस टीमें लगातार क्षेत्र में दबिश, पुलिस और निरीक्षण के लिए लगाई गई हैं क्षेत्र का कोई भी इलाका-हलका हो, वहां के थानाध्यक्षों को निरीक्षण और सतर्कता के आदेश दिए गए हैं
विषधन क्षेत्र क्योंकि कन्नौज जिले के ठठिया थाना क्षेत्र के साथ लगता है इसलिए यहां दोनों जिलों की पुलिस की संयुक्त टीम संदिग्ध इलाकों में जाकर खोजबीन कर रही हैं, पुख्ता सबूत मिलते हैं तो उसकी जानकारी सभी को दी जाएगी। बुधवार को पुलिस टीमों ने बिल्हौर-ककवन से सटे सुर्सी क्षेत्र से कुछ संदिग्धों को उठाया।
उधर, बुधवार को दिनभर पीड़ित अमर सिंह और उसके भाइयों के यहां राजनैतिक दलों के लोगों का जमावड़ा रहा। विधायक व मंत्री अरुणा कोरी ने सभी पीड़ितों के परिजनों को सुरक्षा का भरोसा दिया।
कसिगवां जिला पंचायत सदस्य मीना गौतम और कांग्रेसी नेता रामलखन गौतम ने पीड़ितों को सांत्वना देते हुए प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही ग्रामीणों को भरोसा दिया यदि प्रदेश में उनकी सरकार आती है तो विषधन में पुलिस थाने की स्थापना कराई जाएगी। देरशाम तक भाजपा, बसपा के पदाधिकारियों का भी क्षेत्र में आए।
मकनपुर में रह चुका बावरिया गिरोह की पनाहगाह- बिल्हौर। घुमंतू और बावरिया गिरोह का जमावड़ा क्षेत्र के मकनपुर में लंबे समय तक रहा है। स्थानीय लोगों की माने तो मकनपुर मेला के दौरान कई संदिग्ध कसबे के ईशन नदी के करीब रुके भी, लेकिन कई तरह के अपराध खुलने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें गांव से निकाल दिया।
ग्रामीणों की माने मेल में बीते वर्ष सलीम और उसके कई साथी दर्जनों घोड़ों की बिक्री के लिए मकनपुर आया था, और यहीं पर डेरा बनाकर आसपास अपराधों को अंजाम दे रहा था। उसके बुलंदशहर कांड में पकड़ने के बाद दिल्ली सीबीआई की टीम भी मकनपुर खोजबीन के लिए आई थी।
उधर, घुमंतू जाति के संदिग्धों की धरपकड़ के लिए बिल्हौर, अरौल, उत्तरीपुरा, शिवराजपुर और चौबेपुर रेलवे स्टेशन पर पुलिस जाकर निरीक्षण कर रही है।