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अनिल के लिए जमीन ही बनती गई काल

Wed, 11 Jan 2017 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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अकबपुर पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद अनिल के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
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अनिल का अपने हिस्से की जमीन बेचना ही उसके मौत की वजह बनती गई। उसकी संपत्ति पर किशोरी के परिजनों की बुरी नजर थी। यही कारण था कि जमीन बेचने के बाद किशोरी के घर पर ही वह रहने लगा था और उस पर शेष जमीन बेचने का दबाव बनाया जा रहा था। अनिल ने परिजनों को अनहोनी की आशंका जाहिर की थी, लेकिन तब तक देर हो गई।
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मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद कंचौसी निवासी एवं कानपुर के प्रवक्ता मनोज सिंह ने बताया कि अनिल उसका चचेरा भाई है। वह भाइयों राजेश, राकेश, अशोक के साथ गांव में रहता था। साथ में उनके ताऊ नवाब सिंह भी रहते थे।

ताऊ के कोई संतान न होने पर उन्होंने अपने हिस्से की सवा पांच बीघा जमीन उक्त चारों के नाम कर दी थी। ताऊ की मौत होने के बाद जमीन अलग अलग हिस्सों में दाखिल खारिज हुई।
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हाल ही में अनिल ने अपने हिस्से की जमीन आठ लाख रुपये में बेची थी। परिजनों की मानें तो इन रुपयों पर किशोरी के परिजनों की नजर थी। जमीन बिकने के बाद किशोरी के परिजनों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया और अनिल को अपने साथ रखने लगे।


चचेरे भाई मनोज की मानें तो ताऊ की जमीन बेचने के बाद किशोरी के घर वाले अनिल की पैतृक हिस्से की जमीन भी बेचने का दबाव बना रहे थे। दबाव बनाने पर ही अनिल किशोरी को लेकर भाग गया था। इसके बाद से अनिल को फंसाने की धमकी मिल रही थी। यह बात परिजनों को अनिल ने कुछ दिन पहले बताई थी।



अनिल के हिस्से में थी सवा पांच बीघे और जमीन- कानपुर देहात। ताऊ नवाब सिंह के हिस्से की जमीन के अलावा अनिल को उसके पिता के हिस्से से सवा बीघा जमीन मिली थी। उस पर वह खेती करता था। जमीन उपजाऊ होने के कारण उसे कीमती माना जा रहा था।
 

...तो क्या 30 दिसंबर से रचा जा रहा था मौत का षडयंत्र- कानपुर देहात। कंचौसी के मालतीपुर निवासी अनिल के एक किशोरी को भगा ले जाने के मामले में गत 30 दिसंबर को कंचौसी पुलिस ने उसकी बहन के घर नगला बीच ,टूंडला में दबिश दी थी।

दबाव बनता देख बहन- बहनोई ने दोनों को सुपुर्द कराने का पुलिस को आश्वासन दिया। तीन दिन तक वहां रुकी पुलिस अनिल को सबक सिखाने की बात कहकर वापस लौट आई।


अनिल औरैया के कंचौसी से किशोरी को 25 दिसंबर को लेकर भाग गया था। इसकी गुमशुदगी दर्ज थी। वहीं पुलिस को सूचना मिली कि अनिल अपनी बहन सुधा के घर नगल बीच टूंडला में है। चौकी इंचार्ज राजीव कुमार पुलिस के साथ दबिश देने टूंडला जा पहुंचे, लेकिन वहां अनिल व किशोरी का पता नहीं चला।

पुलिस ने बहन सुधा से पूछताछ की। पुलिस किशोरी और अनिल के न मिलने पर कड़ी कार्रवाई तथा अनिल को सबक सिखाने की धमकी दे रही थी। इस पर बहन ने जल्द ही पकड़वाने आश्वासन दिया,  लेकिन पुलिस तीन दिन तक सुधा के घर पर रुकी रही।

अनिल व किशोरी का सुराग न लगने पर पुलिस वापस लौट आई और परिजनों को खामियाजा भुगतने की धमकी दी। मामला बढ़ता देखकर अनिल के चचेरे बहनोई दीपू निवासी पिपरौली टूंडला ने दोनों की तलाश शुरू कर दी और पांच जनवरी को दोनों को लाकर कंचौसी चौकी में पुलिस के सुपुर्द कर दिया।


इसके बाद से अनिल पुलिस की हिरासत में था और किशोरी को उसके परिजनों के सपुर्द कर दिया। अनिल के चचेरे भाई मनोज का आरोप है कि पुलिस ने किशोरी के परिजनों से मिलकर अनिल की हत्या की साजिश रच दी थी।



बहन के घर रुककर पी गई शराब- कानपुर देहात। अनिल व किशोरी की बरामदगी को लेकर दबिश देने पहुंची कंचौसी पुलिस ने सुधा के घर पर ही  शराब पी और अनिल को सबक सिखाने की धमकी भी देते रहे। यह बात पोस्टमार्टम हाउस में मृतक अनिल के चचेरे भाई मनोज ने बताई । परिजन अब पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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