जिले में गेहूं खरीद 2016-17 के दौरान शासन से मिले लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक मात्र 1.31 प्रतिशत गेहूं खरीद होने पर होने पर संभागीय खाद्य नियंत्रक कानपुर संभाग ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिले में गेहूं खरीद को मिले 35 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 458.86 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी है। वहीं एक सप्ताह में संतोषजनक गेहूं खरीद न होने पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी पर कठोर कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की जाएगी।
बताते चलें कि जिले में इस बार गेहूं एक अप्रैल से शुरू हुई थी। शासन स्तर से 35 हजार मीट्रिक गेहूं खरीद का लक्ष्य कानपुर देहात को दिया गया है। समीक्षा के दौरान जिले में 28 अप्रैल तक लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 1.31 फीसदी की गेहूं खरीद हो सकी है। जबकि, खाद्य विभाग के 8 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद लक्ष्य के सापेक्ष भी सिर्फ 91.80 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो सकी है जो कि लक्ष्य का 1.15 फीसदी है।
जिले में गेहूं खरीद की खराब स्थिति के चलते संभागीय खाद्य नियंत्रक कानपुर संभाग आरएन बाजपेयी ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी लख्मी सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। संभागीय खाद्य नियंत्रक ने आरोप लगाया है कि उनके निरीक्षण के दौरान यह पता चला कि जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने क्रय केंद्रों का भी निरीक्षण नहीं किया है और न ही क्रय केंद्रों की निरीक्षण पंजिकाओं में कोई टिप्पणी अंकित पाई गई है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी शासन की ओर से किसानों के हितार्थ बनाई गई न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना में सहयोग प्रदान न कर इसे विफल करने का कुप्रयास कर रहे हैं। कम गेहूं खरीद पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी से एक सप्ताह में कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जबकि, एक सप्ताह में लक्ष्य के सापेक्ष संतोषजनक गेहूं खरीद न होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।