वेतन न मिलने पर फैक्ट्री के बाहर हंगामा करते मजदूर।
नोटबंदी से तमाम दुश्वारियां झेल रहे मजदूरों के समक्ष उनके फैक्ट्री प्रबंधन की भी पोल खुलने लगी है। रनियां साइड दो के रेजीनोवा केमिकल फैक्ट्री में नए नोट न होने की बात कह मजदूरों को ढाई माह से वेतन नहीं दिया गया है। मजदूरों का गुस्सा फूटा तो आश्वासन देकर उन्हें शांत करा दिया गया। मैनेजर वीके शुक्ला ने बताया कि नोटबंदी के बाद से मजदूरों के बैंक खाते खोले जा रहे हैं। इसके बाद वेतन दे दिया जाएगा।
नोटबंदी से औद्योगिक क्षेत्र का श्रमिक वर्ग भी बेहाल है। रेजीनोवा केमिकल फैक्ट्री में मंगलवार को फैक्ट्री के बाहर नारेबाजी करने वाले तमाम मजदूरों ने प्रबंधन पर गुस्सा जताया। फैक्ट्री में तीन सैकड़ा से अधिक मजदूरों को महीने की एक से 10 तारीख के बीच वेतन दे दिया जाता था।
आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद से प्रबंधन ने नए नोट न होने की बात कह अक्तूबर का वेतन रोक दिया। अब ढाई माह से ज्यादा बीत गया है और वेतन नहीं दिया गया है। दीपक कुमार, अभिषेक, अजीत तिवारी, प्रवीण, दीपक दिवाकर ने बताया कि ऐसे हालात में परिवार पालना मुश्किल हो रहा है। कई मजदूरों का कहना था कि फैक्ट्री प्रबंधन ने मजदूरों का खाता अब तक नहीं खुलवाया। अब सख्ती पर खाता खुलवाने की बात कही जा रही है।