फोटो संख्या-12एकेबीपी-26-भारतीय स्टेट बैंक माती के बाहर लगी लोगों की भीड़।
फोटो संख्या-12एकेबीपी-27-एसबीआई अकबरपुर में गेट के बाहर लगी कतार।
फोटो संख्या-12एकेबीपी-28-आईसीआईसीआई बैंक अकबरपुर के बाहर एक साथ महिला व पुरुषों की लगी कतार।
फोटो संख्या-12एकेबीपी-29-बैंक आफ बड़ौदा रूरा में भीड़ को नियंत्रित करता पुलिस कर्मी।
फोटो संख्या-12एकेबीपी-30-ग्रामीण बैंक मुंगीसापुर के बाहर साढ़े सात बजे सुबह से कतारों में खड़े लोग।
फोटो संख्या-12एकेबीपी-31-दो हजार का नया नोट दिखाता युवक।
फोटो संख्या-12एकेबीपी-32-गीता शर्मा (गृहिणी)।
फोटो संख्या-12एकेबीपी-33-राजू मिश्रा (व्यापारी)।
500 व 1000 रुपये के नोट बंद होने के तीसरे दिन शनिवार को भी बैंकों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। रुपया जाम करने और निकालने के लिए फार्म भी 10-10 रुपये में खरीदने पड़े। आला अफसरों से लेकर नौकरी-पेशा, व्यापारी, मजदूर, छात्र, गृहिणी हर कोई काम-धाम छोड़ रुपये बदलने के लिए सुबह से कतारों में लग रहे हैं। ऐसे में कहीं पर रुपये खत्म, तो कहीं बैंक खुलने में देरी युवाओं से लेकर महिला, बुजुर्ग सभी की खीझ बढ़ा रहा है।
डेरापुर समाचार प्रतिनिधि के मुताबिक कस्बे की बैंक आफ बड़ौदा और भारतीय स्टेट बैंक शाखा में लोगों की भारी भीड़ लगी रही। एटीएम पूरे दिन बंद रहे। बैंकों की सुरक्षा व टप्पेबाजी की घटना को ध्यान में रखाकर पुलिस बल मुस्तैद रहा। सीओ माजिद अब्सार व प्रभारी निरीक्षक मो. फाजिल सिद्दीकी व पुलिस बल ने बैंकों में कतारें लगाकर रुपयों का भुगतान व जमा कराया।
अकबरपुर शहर की मुख्य बैंक होने के चलते यहां पर सुबह 9 बजे से बड़ी संख्या में लोगों की कतार लग गई। बैंक के बाहर लगा एटीएम पूरे दिन बंद रहा। लोग सड़कों पर आड़ा-तिरछा वाहन खड़ा कर लाइन में लगने की जल्दी में रहे। कई बार जाम की स्थिति रही। बैंक के बाहर लगी रुपये जमा करने की सीडीएम मशीन पूरे दिन बंद रही। इससे रुपये जमा करने वाले मायूस दिखे। कई बार पुलिस कर्मियों को लाठियां पटकनी पड़ी।
आईसीआईसीआई बैंक में महिला व पुरुषों की अलग-अलग कतारें न लगने के चलते अफरा-तफरी का माहौल रहा। एक ही गेट से महिला व पुरुषों की निकासी होने की व्यवस्था से कई बार नोकझोंक भी हुई। पुरुषों की लाइन में बीच में घुसने को लेकर लोगों ने हो-हल्ला किया। लोग रुपये निकालने से ज्यादा बदलने की जल्दी में दिखाई दिए।