गिरते पारे ने जिले में ठिठुरन बढ़ा दी है। ठंड से ठिठुरते लोग सुबह शाम आसानी से देखे जा सकते हैं। इधर ठंड की मार से परेशान गरीब असहाय को अभी तक कंबल वितरित नहीं कराए गए हैं और न ही सभी चयनित स्थलों अलाव जल सके हैं।
बताते चलें कि प्रतिवर्ष ठंड पड़ने से पहले तहसील स्तर पर अलाव व कंबल वितरण की व्यवस्था कर ली जाती थी। तहसील में लेखपालों, सभासदों व अन्य उच्चाधिकारियों के माध्यम से कंबल का वितरण कराया जाता है। वहीं कस्बे व गलियों के प्रमुख चयनित चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जाती है। ठंड का आगाज हो चुका है, लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक गरीबों के हाथों में कंबल नहीं थमाए हैं। ऐसे में सर्दी उनके लिए मुसीबत बन सकती है।
जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह ने शनिवार को एसडीएम व तहसीलदार को निर्देश देते हुए कहा कि ठंड को देखते हुए अलाव जलवाए जाने की तैयारी पूरी रखें। सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलते रहे। एसडीएम, नगर पंचायत/नगर पालिका ईओ व तहसीलदार निरीक्षण कर इसकी हकीकत जांचें। पात्र गरीबों को शासन के निर्देशों के अनुरूप कंबल वितरण की तैैयारी कर ली जाए। कंबल बांटने में अल्पसंख्यक बच्चों, बुजुर्गों व कमजोर वर्ग के बीमार लोगों को वरीयता दी जाए।