कारागार राज्यमंत्री जयकुमार सिंह जैकी ने माना कि प्रदेश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद हैं। इनमें छह हजार सजायाफ्ता कैदी सेंट्रल जेलों की जगह जिला जेलों में बंद हैं। इनके लिए प्रदेश में 12 नई सेंट्रल जेलों का निर्माण कराने की आवश्यकता है। बताया कि बुंदेलखंड के महोबा व चित्रकूट में नई जिला जेलों का निर्माण शीघ्र पूरा होने वाला है।
गुरुवार को जेल राज्यमंत्री घाटमपुर कस्बे में एक मिक्सर प्लांट का उद्घाटन करने आए थे। वहां पत्रकार वार्ता की। कानपुर सेंट्रल जेल के शहर से बाहर शिफ्ट किए जाने के सवाल पर कहा कि जमीन अधिग्रहण का कार्य अंतिम चरण में है। एक-दो किसानों से करार की बात अटकी है। इसके पूरा होते ही जेल भवन का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। कहा, प्रदेश की जिन जेलों में जगह उपलब्ध है, वहां गोशाला निर्माण कराने की योजना है। कहा कि बीस जेलों में इनका निर्माण शुरू करवा दिया गया है। गोशाला में गायों के गोबर से खाद तैयार कर जेलों में जैविक खेती कराई जाएगी।
इससे पैदा की गईं सब्जियों व अनाज का उपयोग कैदियों के भोजन में किया जाएगा। बताया कि जेलों में निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है। इसके लिए जेलों में जैमर और स्कैनर लगवाए जा रहे हैं। वहीं, जेलों में प्रतिबंधित वस्तुएं मिलने व कैदियों के खाने की गुणवत्ता कमजोर मिलने पर सीधे जेल अधीक्षक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। कैदियों को कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षित कर हुनरमंद भी बनाया जा रहा है ताकि जेल से छूटकर बाहर आने के बाद वह अपने हुनर से समाज की मुख्य धारा में जुड़ सकें।