थाना सजेती क्षेत्र के बरीमहतैन गांव में बीते बुधवार की रात जीजा के हाथों मौत के घाट उतारे गए दोनों मासूमों का अंतिम संस्कार शुक्रवार को यमुना नदी में किया गया। अपने लाडलों को जल समाधि देते वक्त पिता के हाथ कांप उठे और गश खाकर गिर गया। साथ गए लोगों ने संभाला। वहीं, घाटमपुर पुलिस ने हत्यारोपी जीजा को जेल भेज दिया है। इधर, हत्यारोपी ने कहा कि पत्नी और सास को सबक सिखाने के लिए हत्या की थी।
गांव निवासी रमेश जोशी के दोनों बेटों सुमित (15) और अतुल (9) की उसके ही दामाद मनोज जोशी ने सोते समय हंसिए से गला रेतकर हत्या कर दी थी। शुक्रवार को पुलिस अभिरक्षा में दोहरे हत्याकांड का हत्या आरोपी मनोज जोशी ने बताया कि उसकी पत्नी रचना से बार-बार अनुरोध करने के बाद भी ससुराल जाने को राजी नहीं हुई तो उसने पत्नी और सास को सबक सिखाने की ठानी। बताया कि इसी प्रतिशोध में उसने अपने दोनों सालों सुमित और अतुल की हत्या कर दी। बताया कि उसका गुस्सा कम हुआ तो किए पर पछतावा भी हुआ है।
इधर, दोनों मासूमों के शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन वापस गांव लाए। पड़ोसी जनपद फतेहपुर के मवई धाम स्थित यमुना नदी के घाट पर ले गए। परिजनों, रिश्तेदारों और गांव के लोगों की भीड़ के बीच जब दोनों मासूमों को वाहन से उतारकर नदी की जलधारा में प्रवाहित करने के लिए ले जाया गया। तो साथ चल रहा पिता रमेश कई बार लड़खड़ाया और गश खाकर गिरा। किसी तरह साथ गए लोगों ने उसे समझा-बुझाकर ढांढस बंधाने की कोशिश की। दोनों बच्चों को जल समाधि देने के बाद भी रमेश काफी देर तक नदी की जलधारा को ताकता रहा और होठों में कुछ बुदबुदाता रहा।
...उड़ गए पक्षी, खाली हो गया घोंसला
यमुना नदी में दोनों बच्चों की जल समाधि देने के बाद रमेश और उसके साथ गए लोग जब वापस लौटे तो दरवाजे के बाहर महिलाओं की भीड़ दिखी। वह रमेश की पत्नी शिवकली और दोनों बेटियों रत्ना और रचना को घेरे बैठी थीं। जैसे ही मां और बहनों ने खाली वाहन देखा तो दहाड़ मारकर रो पड़ीं। मां शिवकली के मुंह से बस एक ही शब्द निकला ..उड़ गए पक्षी, खाली हो गया घोंसला।