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फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने की खुन्नस में की थी हत्या

Mon, 29 Jan 2018 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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हत्या के मामले में खुलासा करते एसपी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बरौर थाना क्षेत्र के देवबृम्हापुर गांव में पांच माह पूर्व हुई बसपा कार्यकर्ता की हत्या का रविवार को एसपी ने खुलासा किया। पुलिस ने गांव के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। युवकों ने फर्जी मुकदमे दर्ज कराने से खुन्नस खाकर हत्या की बात कबूली। वहीं, हत्या में प्रयुक्त चापड़ भी पुलिस ने उनकी निशानदेही पर बरामद कर लिया है। एसपी ने पुलिस को टीम को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है।
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देवबृह्मापुर गांव निवासी बसपा कार्यकर्ता रामाधार (62) की 26 अगस्त की रात धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। 27 अगस्त की सुबह उसका शव गांव के ही प्रमोद कटियार के खेत में रक्त रंजित हालत में पड़ा मिला था।

मामले में मृतक के बेटे ने अज्ञात लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद एसपी ने घटना के खुलासे के लिए स्वाट टीम, एसओ बरौर व सीओ भोगनीपुर के नेतृत्व में टीमें लगाई थी। पुलिस हर बिंदु पर छानबीन कर रही थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर गांव के ही गनेशी लाल के पुत्र श्यामबीर व प्रेमबाबू के पुत्र गजेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। इस पर दोनों ने हत्या किए जाने की बात स्वीकार की।
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श्यामबीर ने बताया कि रामाधार ने उस पर लकड़ी भगाने का झूठा मुकदमा दर्ज कराया था, जिससे वह सरकारी सेवा योग्य नहीं रहा। इसके साथ की कई अन्य मामलों में उसके परिवार के लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए, जिससे उसका पूरा परिवार परेशान हो गया। इसी खुन्नस में उसने रामाधार की हत्या की साजिश रची और उसे मौका पाकर मौत के घाट उतार दिया। पकड़े गए युवकों को घटना करने का कोई पश्चाताप भी नहीं है। एसपी रतनकांत पांडेय ने बताया कि खुलासा करने वाली टीम का नेतृत्व कर रहे एसओ शिव कुमार राठौर व उनकी टीम को पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया है।


हत्या के बाद अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे आरोपी
रामाधार की हत्या करने के बाद आरोपी श्यामबीर व गजेंद्र ने उसके अंतिम संस्कार के लिए अपने घरों से ईंधन कंडे दिए। साथ ही अंतिम यात्रा में सबके साथ घाट तक गए। वहां अंतिम संस्कार होने के बाद लौटे। वहीं घटना से संबंधित मामलों में वह पीड़ित पक्ष के साथ थाने भी आते जाते रहे। इससे रामाधार के परिजनों को कोई आशंका नहीं हुई। जब पुलिस ने उन दोनों युवकों द्वारा हत्या करने की बात मृतक के परिजनों को बताई तो एक बार उन्हें विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब उनके सामने उन युवकों ने पूरी घटना बताई तो वह भी दंग रह गए। आरोपियों ने बताया कि अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद बाद वह दोनों दिल्ली चले गए थे। वहां कुछ दिन रहने के बाद वापस गांव आ गए।
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