अकबरपुर स्थित जिला अस्पताल गेट के सामने मां हास्पिटल में प्रसूता व नवजात की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल मालिक मौके से फरार हो गया जबकि, डाक्टरों की टीम भी खिसक गई। एसडीएम और सीओ ने आक्रोशित परिजनों को कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया। महिला के पति की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल के तीन डाक्टरों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही भर्ती मरीजों को जिला अस्पताल में शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए।
अकबरपुर क्षेत्र के कुइतमंदिर गांव निवासी शुत्रघ्न सिंह ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार भोर पहर पत्नी सुशीला सोनी (23) को प्रसव पीड़ा हुई। गांव की आशा अनीता दुबे ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी बीच वहां मां हास्पिटल के कर्मी पहुंचे और आशा को समझाकर पत्नी को जिला अस्पताल से अपने नर्सिंग होम में भर्ती करा लिया। भर्ती करने के थोड़ी देर बाद आपरेशन से प्रसव कराने को कहा। आपरेशन के बाद एक पुत्री जन्मी, पर थोड़ी ही देर में मौत हो गई। बावजूद इसके डाक्टरों ने नवजात की हालत गंभीर बता आईसीयू में रखा। वहीं, कुछ ही देर बात पत्नी सुशीला की भी हालत गंभीर होने लगी। डाक्टरों ने खून की कमी बता कानपुर के एक निजी नर्सिंग होम भेज दिया। वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुत्रघ्न के मुताबिक कानपुर एंबुलेंस के संग आए हास्पिटल कर्मी भाग निकले।
इधर, परिजन शव लेकर अकबरपुर अस्पताल पहुंचे और डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा जमकर हंगामा किया। पति का आरोप है कि पत्नी की मौत यहीं हो गई थी, लेकिन डाक्टरों ने गुमराह करने के लिए कानपुर भेजा। डाक्टरों ने बच्ची की मौत होने की जानकारी देकर परिजनों से नदी में प्रवाह करा दिया। कोतवाल शैलेंद्र सिंह ने बताया कि प्रसूता के पति की तहरीर पर डा सुशील वर्मा, डा. विकास गुप्ता व एक महिला डाक्टर पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। वहीं, देर रात तक एसडीएम व सीओ अस्पताल को सीज करने के लिए अभिलेख आने का इंतजार करते रहे। अस्पताल मालिक अमित पाल और किशन पाल के मोबाइल स्विच आफ और प्रशासन लगातार संपर्क करने जुटा रहा।
डाक्टरों की टीम जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।