फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मकनपुर, अरौल में बदमाशों का धावा

Thu, 10 Nov 2016 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
बरामदे में रखी लोहे की अलमारी का बिखरा पड़ा सामान। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के दूर-दूर गांवों में विषधन कस्बे में डकैती की घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत है। वहीं मंगलवार रात क्षेत्र के मकनपुर और अरौल कसबों में डकैत आए।
विज्ञापन



मकनपुर में बदमाश को लोहे की अलमारी से सामान निकालते देख गृहस्वामी के चिल्लाने पर सभी भाग गए और अरौल कस्बे में भी दुकान में वारदात की फिराक में चढ़ रहे बदमाशों को देखकर पूरी रात अफवाहों का दौर चलता रहा। उधर पुलिस अधिकारी दोनों मामलों को अफवाह बता रहे हैं।


मकनपुर कस्बे के बजरिया मोहल्ला निवासी हसन अब्बाज पुत्र लद्दन अपनी मां शाजदारजहां और पत्नी तबीन फातमा के साथ रहते हैं। मंगलवार मध्य रात अब्बाज को बरामदे में रखी लोहे की अलमारी में खटपट की आवाज सुनाई दी, जब वह उठकर देखने पर पहुंचे तो कुछ लोग अलमारी का सामान निकाल रहे थे और आपस में हरियाणवी भाषा में बातचीत कर रहे थे।
विज्ञापन



अब्बाज ने तत्काल 100 नंबर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी और घर के पिछले हिस्से में जाकर बदमाश आने की बात कहकर चिल्लाने लगे। शोरशराबा सुनकर जागे मोहल्ले सक्रिय हुए और कुछ ही देर में पुलिस मौके पर आ गई, लेकिन घर में घुसे बदमाश पलक झपकते ही दीवार फांदकर ईशन नदी की ओर भाग गए।


बुधवार सुबह जब बदमाशों के भागने वाले रास्ते पर ग्रामीण गए तो उन्हें लोहे की राड, तोड़फोड़ करने के लिए कई पत्थर मिले। इसी तरह अरौल कस्बे में मंगलवार चोर आने की अफवाह फैल गई। शोरशराबा सुनकर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन गश्ती पर कहीं कोई पुख्ता सबूत हाथ नहीं लगा।



मकनपुर और अरौल की घटनाओं को लेकर कोतवाल सतेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कहीं भी चोर-बदमाश नहीं आए हैं। लोग विषधन की घटना के बाद सशंकित हैं, अरौल और मकनपुर चौकी पुलिस सूचना के फौरन बाद मौके पर पहुंची, लेकिन चोर आने के कोई साक्ष्य नहीं मिले।

विषधन डकैती में पुलिस को सुराग नहीं- बिल्हौर। ककवन थाना क्षेत्र के विषधन कस्बे में डकैती की घटना के चौथे दिन भी पुलिस को सफलता हाथ नहीं लग सकी। पुलिस अधिकारी घटना को अंजाम देने के लिए वालों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन इसके बाद भी सबूतों के अभाव में अभी तक एक भी बदमाश का कोई भी सबूत जांच अधिकारियों को हासिल नहीं हो सका है।


उधर पुलिस के शिकंजे से दूर बदमाशों के न पकड़े जाने से दूरदराज इलाकों में शाम होते ही ग्रामीणों में चोर-डकैत आने की दहशत फैलने लगती है। कई गांवों में ग्रामीण खेतों में फसल रखवाली के लिए नहीं जा पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें