शुक्रवार को मरुधर एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची। कंचौसी-झींझक स्टेशनों के बीच रानेपुर फाटक के पास अप मरुधर एक्सप्रेस निकलने के दौरान पटरी टूट गई और ट्रेन धड़धड़ाते हुए गुजर गई। पेट्रोलिंग कर रहे की-मैन ने पीछे से आ रही मालगाड़ी को लाल झंडी दिखाकर रोक लिया। मौके पर पहुंची पीडब्ल्यूआई स्टाप फफूंद की टीम ने टूटी पटरी को प्लेट व क्लैंप की मरम्मत की। इस बीच करीब 30 मिनट तक अप लाइन का यातायात बाधित रहा।
शुक्रवार को वाराणसी से जोधपुर जा रही मरुधर एक्सप्रेस झींझक-कंचौसी स्टेशनों ने बीच सुबह 7:42 बजे रानेपुर फाटक के पास से निकल रही थी, तभी खंभा नंबर 1088 व 11, 13 बीच मरुधर एक्सप्रेस की कुछ बोगियां निकलने के दौरान ही पटरी टूट गई और बची हुई बोगियां धड़धड़ाते हुए टूटी पटरी से निकल गई। इससे बड़ा हादसा होते-होते बच गया। मौके पर पेट्रोलिंग कर रहे की-मैन राजेश ने टूटी पटरी देख पीछे से अप अलीगढ़ मालगाड़ी को लाल झंडी दिखाकर रोक दिया। की-मैन ने चालक के बाकी टाकी से सूचना स्टेशन मास्टर कंचौसी महेंद्र बाबू को दी।
स्टेशन मास्टर की सूचना पर पहुंची पीडब्ल्यूआई स्टाप फफूंद ने करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद टूटी पटरी की फिश प्लेट और क्लैंप के सहारे कस कर ठीक किया। इसके बाद अप लाइन का यातायात बहाल हो सका। इस बीच अप की दुरंतो एक्सप्रेस झींझक रेलवे स्टेशन पर, नासरसेड़ा फाटक के पास गोमती एक्सप्रेस, खम्हैला फाटक के पास कानपुर-टूंडला पैसेंजर खड़ी रही। पीडब्ल्यूआई टीम के अखिलेश गुप्ता ने बताया कि टूटी पटरी को फिलहाल फिश प्लेट व क्लैंप से कस दिया गया है।
ब्लाक मिलने पर टूटी पटरी बदल कर नई लगाई जाएगी। स्टेशन मास्टर कंचौसी महेंद्र बाबू ने बताया कि रानेपुर फाटक के पास पटरी टूटने से सुबह 7:45 से 8:15 बजे तक अप लाइन का यातायात ठप रहा है। पटरी ठीक होने पर यातायात बहाल हुआ है। इस बीच अप की सभी ट्रेनें जहां की तहां फंसी रही।