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आम की फसल को बर्बाद कर रहा मैंगो हापर कीट

Tue, 27 Mar 2018 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मैंगो हापर कीट के हमले से आम पेड़ पर कम संख्या में लगे टिकोरे। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आम की फसल पर मैंगो हापर कीट का प्रकोप शुरू हो गया है। किसानों ने बताया कि बौर के गुच्छों में लगे फूल तेजी से झड़ रहे हैं। जबकि, उस अनुपात में उनमें फलों की संख्या काफी कम दिखाई दे रही है। वहीं, बागवानी विशेषज्ञों ने आम की फसल को बचाने के लिए पेड़ों पर लगी बौर में कीटनाशक घोल का तीसरा छिड़काव शीघ्र शुरू करने की सलाह दी है।
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तहसील क्षेत्र के पड़री-लालपुर, सिरोह-सरांय, धरमपुर, सतरहुली, भदेवना, बेंहटा-बुजुर्ग, कुवांखेड़ा, स्योंढ़ारी, पहेवा, चंदनपुर, रार, पसेमा, उमरी, रायपुर, छांजा और संचितपुर समेत अन्य गांवों के किसानों ने बताया कि बीते कई वर्षों बाद इस बार आम के पेड़ों पर जमकर बौर लगा है। बताया कि मार्च के पहले सप्ताह से बौर में लगे फूलों का सूखकर झड़ना और उनमें सरसों के आकार के टिकोरे लगने शुरू हो जाते हैं। जबकि, मध्य सप्ताह तक उनका आकार बढ़ना शुरू हो जाता है।

बागवानी करने वाले किसानों ने बताया कि बौर के गुच्छों में आम के भुनगे (लस्सी) जिसे वैज्ञानिक भाषा में मैंगो हापर कहते हैं का हमला शुरू हो गया है। बताया कि तिकोने शरीर वाला छोटा सा कीट आम की फसल के लिए सबसे अधिक खतरनाक है।
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वहीं, उद्यान निरीक्षक राकेश कुमार गोस्वामी ने बताया कि मैंगो हापर के साथ ही कुछ जगहों पर मैंगो मिलीबग जिसे देशी भाषा में कढ़ी कीट कहते हैं, लगा हुआ है। बताया कि जिस पौधे पर कढ़ी कीट का हमला होता है उसके बौर के गुच्छों में अमिया (टिकोरे) बहुत कम संख्या में लगे दिखेंगे। जबकि, बौर के गुच्छों पर भी फफूंद लग जाती है।

उद्यान निरीक्षक ने बताय कि मैंगो हापर कीट से बचाव के लिए पेड़ों पर लगी बौर में कीटनाशक घोल का छिड़काव करें। इनमें मोनोक्रोटोफास 40 ईसी की दर 1.5 मिली प्रति लीटर अथवा क्यूनाल फास 25 ईसी दर 2.0 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
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