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लहुरीमऊ में होगी भाकियू की महापंचायत

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नेयवेली के गेस्ट हाउस में वार्ता करते भाकियू के जिलाध्यक्ष, एसडीएम और नेयवेली के अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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घाटमपुर तहसील की यमुनापट्टी में बन रहे 1980 मेगावाट पावर प्लांट पर चल रहा किसानों और नेयवेली अधिकारियों के बीच विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। नेयवेली अधिकारियों और प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए किसानों ने 30 मार्च को फिर जानकी धर्मशाला लहुरीमऊ में महापंचायत करने की बात कही है। जिसमें भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को आना है।
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बुधवार की दोपहर एसडीएम (घाटमपुर) राहुल कश्यप विश्वकर्मा और नेयवेली के सीईओ आनंद कौशल ने भाकियू के कानपुर जिलाध्यक्ष रविप्रताप सिंह के साथ पहुंचे नामित किसान प्रतिनिधियों के साथ कंपनी के गेस्ट हाउस में बैठक की। लेकिन, काफी देर तक चली बैठक के बाद भी कोई सार्थक हल नहीं निकला।

भाकियू के जिलाध्यक्ष रविप्रताप सिंह ने बताया कि किसानों की जानकारी के बिना नेयवेली ने उनकी पाकेटलैंड के नाम पर अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया है। लेकिन, मुआवजा राशि सामान्य दरों पर ही दिया है। जबकि, शासन के नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत करार से अलग हटकर अधिग्रहीत की गई भूमि के स्वामी किसानों को चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए।
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भाकियू के तहसील अध्यक्ष विनोद सिंह ने बताया कि अगस्त के महीने में जिलाधिकारी महोदय ने किसानों के साथ बैठक कर उनको नेयवेली की ओर से दी जाने वाली सभी सुविधाएं दिलाने का भरोसा दिया था। बताया कि इसके लिए किसान प्रतिनिधियों और नेयवेली अधिकारियों के बीच लिखित समझौता भी किया गया था। आरोप लगाया कि आठ महीने का समय बीत जाने के बाद भी नेयवेली प्रशासन तय शर्तों के मुताबिक काम करने में आनाकानी कर रहा है।

एसडीएम राहुल कश्यप ने बताया कि पावर प्लांट क्षेत्र के आठ गांवों के किसान प्रतिनिधियों के साथ ही भाकियू के जिलाध्यक्ष और नेयवेली अधिकारियों के साथ बैठक की गई। बताया कि नेयवेली प्रशासन ने शर्तों के अनुसार उस इलाके के लोगों को सुविधाएं देने की बात दोहराई है। जबकि, किसान चार गुना मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़े हैं। उन्होंने 30 मार्च को होने वाली भाकियू की महापंचायत के बारे में कहा कि यह किसानों का निजी मामला है। प्रशासन उसमें कोई दखल नहीं कर सकता है।
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