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कलाई पर बंधा बहना का प्यार

Tue, 08 Aug 2017 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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rakhi - फोटो : अमर उजाला
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 बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया। जिले भर में सोमवार को चंद्रग्रहण और मुहूर्त पर संशय बना रहा। हालांकि, सुबह से शाम तक राखी बांधने का दौर जारी रहा। त्योहार के कारण सवारी वाहन नहीं चलने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।  

 भाई-बहन के पवित्र रिश्तों का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार शुभ मुहूर्त पर मनाया गया। हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार बहनों ने थाल में रोचना, राखी, चावल, पुष्प व मिठाई सजाई। इसके बाद भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर कलाई में राखी बांध मुंह मीठा कराया। भाइयों ने भी बहनों का आशीर्वाद लेकर उपहार दिए। इस दौरान सड़कों पर काफी भीड़भाड़ रही। बहनों से राखी बंधवाने के लिए भाई उत्सुक दिखे।
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शिवली प्रतिनिधि के अनुसार शिवली, मैथा स्टेशन, मैथा बाजार, औनाहां, बैरी बाघपुर, भाऊपुर, रंजीतपुर, काशीपुर, बन्नापुर आदि स्थानों पर जाने वालों की काफी भीड़ रही। रूरा प्रतिनिधि के अनुसार त्योहार मनाने के लिए स्टेशन व बस स्टैंड पर काफी भीड़ रही। कारी कलवारी, गैजूमऊ, भारत सिंह का पुरवा, अंबरपुर, भिखनापुर, तिगांई, भटौली, गेंदामऊ, धनीरामपुर आदि जगहों में बहनों ने माथे पर तिलक करते हुए भाइयों की कलाई पर कलाई राखी बांधकर मुंह मीठा कराया।  
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जेल में बना रक्षाबंधन का त्योहार
जिला कारागार, माती में बंद कैदियों व बंदियों को उनकी बहनों ने राखी बांधकर खुशी मनाई। यहां पर विभिन्न मामलों में बंद महिला कैदियों व बंदियों ने भी भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। सुबह से ही जेल में बंद कैदियों व बंदियों को राखी बांधने के लिए उनकी बहनों का आवागमन शुरू हो गया था। शाम तक राखी बांधने का सिलसिला जारी रहा। सभी बहनों को जेल में बंद उनके कैदी भाइयों से मिलने के लिए मुलाकात कराई गई। यहां पर जब भाई की कलाई पर उन्होंने राखी बांधी तो बहनों की आंखों से आंखें छलक आईं। जेलर आरके पांडेय जेल मुख्यालय के आदेशानुसार रक्षाबंधन के दिन ओपन मुलाकात कराई गई है।
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